Indians in Nepal Flood: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ की जद में सैकड़ों भारतीय भी आए. गुरुवार दोपहर बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉफ्रेंस कर नेपाल में फंसे भारतीयों के बारे में आधिकारिक जानकारी दी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि अभी तक की प्राप्त जानकारी के अनुसार, “288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. इनमें 73 भारतीय नागरिक वो हैं, जो त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. मंत्रालय इन लोगों के बारे में और जानकारी पाने के लिए प्रोजेक्ट हेड के संपर्क में है. जैसा कि आप जानते हैं, उस इलाके में कम्युनिकेशन लाइनें पूरी तरह से ठप हो गई हैं, इसलिए वहां मौजूद लोगों से संपर्क करना मुश्किल हो रहा है.”
अभी तक 21 भारतीय नागरिक सुरक्षित निकाले गएः MEA
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, “आज दोपहर 1:00 बजे तक, हम 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल पाए हैं. 21 लोगों का यह ग्रुप तमिलनाडु से है और हम उनके नाम अपने ‘X’ हैंडल पर डाल रहे हैं, ताकि आपको पूरी जानकारी मिल सके. हमने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया है और उन्हें सुरक्षित जगह पर लाया जा रहा है.”
MEA ने बताया कि तमिलनाडु से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 37 और 49 भारतीयों के दो बड़े समूह भी अभी संपर्क से बाहर हैं. ये दोनों समूह अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों, सम्राट ट्रैवल्स और फ्लाई एवरेस्ट ट्रैवल्स, के माध्यम से यात्रा पर गए थे. इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के 32 भारतीय नागरिकों का एक समूह, जिसने सम्राट ट्रैवल्स के जरिए यात्रा की थी, रसुवा जिले के टिमुरे क्षेत्र में मौजूद बताया गया है, जहां यह आपदा हुई.
MEA ने कहा कि रिचा टूर्स के जरिए यात्रा करने वाले विभिन्न राज्यों के 61 भारतीय नागरिकों से भी फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है. इसके अलावा, केरल के 33 भारतीय नागरिकों का भी अभी पता नहीं चल पाया है. ये सभी समूह मिलकर उन 288 भारतीयों का बड़ा हिस्सा हैं, जिन्हें फिलहाल “अनकॉन्टैक्टेबल” यानी संपर्क से बाहर माना गया है.
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि “संपर्क से बाहर” होने का मतलब यह नहीं है कि ये लोग लापता हैं या घायल हैं. यह शब्द इसलिए इस्तेमाल किया जा रहा है क्योंकि अधिकारियों का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.
21 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया
चल रहे राहत और बचाव अभियानों के बीच अब तक तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है. जायसवाल ने कहा कि यह आंकड़ा गुरुवार दोपहर 1 बजे तक का है. काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास लगातार इन लोगों के संपर्क में है. नेपाल में भारत के राजदूत ने भी उनसे बात कर हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है. इन 21 भारतीयों को पहले काठमांडू लाया जाएगा, जिसके बाद उन्हें भारत वापस भेजने की व्यवस्था की जाएगी.
जायसवाल ने कहा, “हम उनके नाम अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा कर रहे हैं, जहां से पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकती है.” उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, सरकार नियमित रूप से अपडेट देती रहेगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की बात
यह जानकारी ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से फोन पर बातचीत की थी. प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में नेपाल की जनता के साथ खड़ा है. उन्होंने आपदा से निपटने के लिए भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता देने की भी पेशकश की.
इसके बाद से काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर भारतीय नागरिकों का पता लगाने, प्रभावित लोगों की सहायता करने और जरूरत पड़ने पर उनकी स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने में जुटा है. विशेष ध्यान उन क्षेत्रों पर केंद्रित है, जहां संचार सेवाएं ठप होने के कारण लोगों से संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है.
नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय जारी
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार नेपाल के अधिकारियों की मदद से अपने नागरिकों तक पहुंचने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा, “हम नेपाल के अधिकारियों के माध्यम से अपने लोगों तक पहुंचने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं.” भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन और परियोजना अधिकारियों के साथ मिलकर उन भारतीयों की स्थिति का पता लगाने में जुटा है, जिनसे अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है.
रसुवा जिले और आसपास के प्रभावित इलाकों में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण राहत कार्यों को अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. भारत में अपने परिजनों से संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों के लिए सरकार ने आश्वासन दिया है कि जैसे-जैसे बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचेंगे और सत्यापित जानकारी मिलेगी, उसी के अनुरूप अपडेट साझा किए जाएंगे.
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह भारतीय नागरिकों की स्थिति को लेकर नियमित जानकारी उपलब्ध कराता रहेगा. फिलहाल, 288 भारतीय नागरिक संपर्क से बाहर हैं, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है और बाकी लोगों का पता लगाने तथा उन्हें सहायता पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं.


