एक साल में कई खाने-पीने की चीजें महंगी हो गई हैं। सबसे ज्यादा असर प्याज और चीनी की कीमतों में देखने को मिला है। उपभोक्ता मामलों के विभाग (Department of Consumer Affairs) द्वारा जारी डेली एवरेज रिटेल कीमतों के आंकड़ों के मुताबिक, 28 अगस्त 2026 की कीमतों की तुलना 28 अगस्त 2025 से करें तो प्याज 69.8 फीसदी, चीनी 38.5 फीसदी, गुड़ 21.2 फीसदी, सूरजमुखी तेल 18.8 फीसदी और धनिया 15 फीसदी महंगा हुआ है। यानी रोजमर्रा की खरीदारी में इन चीजों के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। त्योहारों का सीजन शुरू होने के साथ ज्यादातर सामान की मांग बढ़ गई है। वहीं, कमजोर मानसून और मिडिल ईस्ट संकट के असर से भी कई जरूरी चीजों की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है।
प्याज ने सबसे ज्यादा बढ़ाया खर्च
28 अगस्त 2025 को देशभर में प्याज की औसत खुदरा कीमत 28.56 रुपये प्रति किलो थी। अगस्त 2026 को यह 48.50 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। प्याज की कीमत में सबसे ज्यादा उछाल आया है और यह लगभग 69.8 प्रतिशत महंगा हो गया है। हालांकि, सरकार ने सरकारी स्टॉक को रिटेल में बेचने की नीति बनाई है। जिससे प्याज की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।
चीनी की कीमत में भी बड़ा उछाल
चीनी भी आम परिवार के बजट पर असर डाल रही है। एक साल पहले चीनी की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 46.28 रुपये प्रति किलो थी। जो अब बढ़कर 64.10 रुपये प्रति किलो हो गई। इस तरह चीनी एक साल में लगभग 38.5 प्रतिशत महंगी हुई है। हालांकि, सरकार ने इसके दामों को नियंत्रित करने के लिए भी कई ठोस कदम उठाएं है। इनमें चीनी के आयात शुल्क को हटाना, आयात की गई चीनी को 60 दिन के अंदर प्रोसेस करके घरेलू बाजार में बेचना और कारोबारियों के लिए स्टॉक लिमिट तय करना जैसे उपाय शामिल हैं।
गुड़ और सूरजमुखी तेल भी महंगे
गुड़ की औसत खुदरा कीमत 56.30 रुपये प्रति किलो थी। जो अब बढ़कर 68.24 रुपये प्रति किलो हो गई। गुड़ करीब 21.2 प्रतिशत महंगा हुआ है। वहीं, पैक्ड सूरजमुखी तेल की औसत खुदरा कीमत 161.16 रुपये प्रति किलो थी। जो अब बढ़कर 191.42 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। सूरजमुखी तेल करीब 18.8 प्रतिशत महंगा हुआ है। तेल की कीमतों पर पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण बढ़ी आयात लागत का असर पड़ा है।
धनिया भी हुआ महंगा
धनिया की कीमत भी एक साल में बढ़ी है। एक साल पहले साबुत धनिया (250 ग्राम) की औसत खुदरा कीमत 37.44 रुपये थी। जो अब 43.05 रुपये हो गई। धनिया लगभग 15 प्रतिशत महंगा हुआ है। इन पांचों चीजों की कीमत बढ़ने से किराना खरीदारी का खर्च बढ़ रहा है।


