मुंबई: ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा सीखने की अनिवार्यता पर ‘ वीटो पावर ‘ लगाकर 12 महीने का समय देने वाले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। फडणवीस ने इस फैसले से जहां उत्तर भारतीय समाज और बीजेपी के रिश्तों को मजबूत करने में सेतु का काम किया है, वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के ‘ मराठी दांव ‘ को भी फेल कर दिया है। फडणवीस और शिंदे के बीच पिछले काफी समय से सता को लेकर टशन का भी परिणाम इस फैसले को माना का रहा है।
योगी आदित्यनाथ को दी राहत
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि फडणवीस ने मुंबई में मराठी सीखने की अनिवार्यता पर रोक लगाकर 1500 किमी दूर लखनऊ में जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को कुछ ही महीने दूर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राहत दी है, वहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को झटका दे दिया है। जिन्होने मुंबई में मराठी भाषा के मुद्दे को लपक लिया था और राजनीतिक लाभ लेने के लिए भाषाई विवाद को हवा देने की कोशिश की थी। जानकारों कहना है कि यदि मराठी न आने के कारण टैक्सी और ऑटो चालकों का रोजगार प्रभावित होता तो इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश और बिहार सहित झारखंड में उनके परिवार के भरण पोषण पर पड़ता।
मुंबई में 50 लाख उत्तर भारतीय
मुंबई सहित एमएमआर में करीब पचास लाख उत्तर भारतीय रहते हैं जिन्हें बीजेपी का कोर वोटर माना जाता है, इस निर्णय से वे बुरी तरह प्रभावित होते और इसका सीधा असर होने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव पर पड़ता। फडणवीस ने मराठी भाषा पर निर्णय लेकर उत्तर भारतीयों का बीजेपी पर विश्वास और मजबूत कर दिया है। राजनीतिक मामलों के जानकार संदीप सोनवलकर कहते हैं कि फडणवीस ने इस फैसले से बीजेपी के वोट बैंक को सुरक्षित किया। साथ ही किसी भी मंत्री के फैसले को पलटने के अधिकार का पहला प्रयोग शिवसेना के मंत्री पर कर लिया। बीजेपी को इसका फायदा महाराष्ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड तक मिलेगा।
फडणवीस ने पलटा मंत्री का फैसला
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठी भाषा की अनिवार्यता पर एक साल के लिए रोक लगाकर प्रताप सरनाईक के बहाने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भी संदेश दिया है कि वह कितने भी हाथ पांव मार लें महाराष्ट्र की राजनीति के सुपर बॉस वही हैं। कुछ दिन पहले ही सरकार ने एक आदेश जारी कर कहा था कि मुख्यमंत्री किसी भी मंत्री का फैसला पलट सकते हैं। इस अधिकार का पहला प्रयोग फडणवीस ने सरनाईक पर किया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मई में घोषणा किया कि ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा बोलना अनिवार्य होगा, नहीं तो उनके बैज रद्द कर दिए जाएंगे। इससे मुंबई में करीब पांच लाख चालकों की रोजी रोटी पर संकट मंडराने लगा था। लेकिन इस फैसले से बीजेपी का वोट बैंक प्रभावित होता इसलिए फडणवीस ने मौके की नजाकत को समझते हुए पूरे फैसले को ही एक तरह से पलट दिया।

