नई दिल्ली: अगर आपसे पूछा जाए कि दुनिया की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री (Largest Manufacturing Plant) कौन सी है, तो शायद आपके दिमाग में टेस्ला या एप्पल का नाम आए। लेकिन असल में यह ताज दुनिया दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी Volkswagen (फॉक्सवैगन) के पास है।
जर्मनी के वूलफ्सबर्ग (Wolfsburg) शहर में स्थित फॉक्सवैगन का यह मुख्य प्लांट इतना विशाल है कि इसके अंदर एक पूरा शहर बसाया जा सकता है। यह फैक्ट्री सिर्फ एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट नहीं, बल्कि अपने आप में एक ‘मिनी सिटी’ है।
मोनाको देश से तीन गुना बड़ी है ये फैक्ट्री
वूलफ्सबर्ग प्लांट कुल 65 लाख वर्ग मीटर (लगभग 1600 एकड़) में फैला हुआ है। केवल इसके ढके हुए फैक्ट्री हॉल्स का क्षेत्रफल 1.6 वर्ग किलोमीटर है, जो पूरे यूरोप के मोनाको (Monaco) देश के आकार से भी काफी बड़ा है।
हर 16 सेकंड में बनती है कार
इस प्लांट की मैन्युफैक्चरिंग स्पीड इतनी तेज है कि यहां औसतन हर 16 सेकंड में 1 नई कार असेंबली लाइन से पूरी तरह बनाकर बाहर निकलती है। यह प्लांट हर दिन लगभग 4000 कारें बनाने की क्षमता रखता है। यहां मुख्य रूप से फॉक्सवैगन की मशहूर कारें जैसे गोल्फ (golf), टिगुआन (Tigun),टौरान (Touran) बनाई जाती है।
फैक्ट्री के अंदर ही है 60 km लंबा रेलवे ट्रैक!
यह फैक्ट्री इतनी बड़ी है कि कर्मचारी पैदल एक कोने से दूसरे कोने तक आसानी से नहीं जा सकते। इसके अंदर का इन्फ्रास्ट्रक्चर किसी आम शहर को मात देता है। प्लांट के अंदर 75 km लंबा सड़कों का नेटवर्क बिछा हुआ है। माल और पार्ट्स लाने-ले जाने के लिए फैक्ट्री के अंदर 60 km लंबा रेलवे ट्रैक है, जिस पर 7 लोकोमोटिव और शंटिंग रोबोट्स दिन-रात काम करते हैं।
70,000 कर्मचारियों की फौज
यह फैक्ट्री रोजगार का एक बहुत बड़ा केंद्र है। यहां लगभग 60,000 से 70,000 कर्मचारी काम करते हैं। यानी इस प्लांट में काम करने वाले लोगों की आबादी कई छोटे शहरों की कुल आबादी से भी ज्यादा है।
अपना खुद का है पावर प्लांट?
विशाल फैक्ट्री को चलाने के लिए बाहर से बिजली नहीं लेनी पड़ती। प्लांट के अंदर ही इसके अपने 2 विशाल पावर प्लांट लगे हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि ये पावर प्लांट न सिर्फ फैक्ट्री को बिजली और हीट देते हैं, बल्कि पूरे वूलफ्सबर्ग शहर को भी हीटिंग सप्लाई करते हैं।
1938 में शुरू हुआ था सफर
इस ऐतिहासिक प्लांट की नींव साल 1938 में रखी गई थी। दुनिया की सबसे ऑइकॉनिक और मशहूर कारों में से एक फॉक्सवैगन बीटल (Volkswagen Beetle) का जन्म भी इसकी फैक्ट्री में हुआ था और दशकों तक यहीं से पूरी दुनिया में सप्लाई की गई। अब यह प्लांट इलेक्ट्रिक (EV) और ऑटोनॉमस (Autonomous) कारों के भविष्य के लिए खुद को तेजी से अपग्रेड कर रहा है।

