नेपाल में पिछले हफ्ते आई भयानक बाढ़ के बाद राहत कार्य लगातार जारी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि त्रिशूली बाजार से तीन और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनमें एक पांच साल का मासूम बच्चा भी शामिल है। इसके साथ ही अब तक बचाए गए भारतीय नागरिकों की कुल संख्या 169 हो गई है।

कौन-कौन हुआ रेस्क्यू

विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी देते हुए कहा कि कुल 169 भारतीयों को बचाया जा चुका है। ताजा बचाए गए तीन लोगों में अभिजीत सुरेश पवार, दीपिका अभिजीत पवार और समर्थ अभिजीत पवार (पांच साल का बच्चा) शामिल हैं। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास इन्हें हवाई मार्ग से भारत वापस लाने में मदद कर रहा है।

इससे पहले दिन में विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत ने हिमालयी देश में आई इस अचानक विनाशकारी बाढ़ के बाद बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए सात विमानों से लगभग 95 टन राहत सामग्री और 54 कर्मियों को भेजा है।

प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का बयान

नई दिल्ली में हर दो हफ्ते में होने वाली प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत, नेपाल सरकार की जरूरतों के आधार पर मदद जारी रखेगा। आने वाले दिनों में अतिरिक्त फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और अन्य मांगी गई सामग्री भेजने की योजना है।

जायसवाल ने बताया, नेपाल सरकार की जरूरतों के अनुसार मदद देना जारी रखेंगे। आने वाले दिनों में हम और फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और अन्य सामग्री भेजने की योजना बना रहे हैं जिनकी नेपाल सरकार ने मांग की है। कल, हमारे दो भारतीय विमान 21 टन राहत सामग्री के साथ काठमांडू गए थे। अब तक हमने सात विमानों से लगभग 95 टन राहत सामग्री पहुंचाई है।

अब भी 275 भारतीय लापता, चीन से 1,907 लोग पहुंचे सुरक्षित

जायसवाल ने बताया कि अभी 275 भारतीय नागरिकों का कोई पता नहीं चल पाया है, जबकि 1,907 भारतीय नागरिक अब तक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चीन के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में फिलहाल कोई भी भारतीय यात्री फंसा हुआ नहीं है।

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