राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार (11 सितंबर) को हुई एक सनसनीखेज वारदात में एक ही परिवार की चार महिलाओं को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया. चारों को उनके ही घर में सीमेंट की ईंट से सिर पर वार कर मौत के घाट उतारा गया. मरने वालों में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली गीता देवी नाम की 45 साल की महिला और उसकी तीन बेटियां शामिल है.
वारदात के बाद से महिला का पति राहुल झा फरार है. आशंका जताई जा रही है कि राहुल ने ही पत्नी और तीन बेटियों का कत्ल कर उन्हें मौत के घाट उतारा हैं. पूरे परिवार को मौत के घाट उतारे जाने की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है. इस सनसनीखेज वारदात में एक एंगल यह भी सामने आया है कि परिवार का मुखिया राहुल झा को शेयर मार्केट में काफी नुकसान हुआ था. उसने तमाम लोगों से कर्ज भी ले रखा था.
मामले पर जयपुर पुलिस ने क्या कहा?
जयपुर पुलिस का कहना है कि वह इस मामले में पारिवारिक विवाद और आर्थिक नुकसान समेत तमाम एंगल पर छानबीन कर रही है. जयपुर में शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर करधनी इलाके की गोविंद वाटिका कॉलोनी में आज सुबह करीब 10:30 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ही परिवार के चार लोगों के कत्ल की सूचना पर पुलिस और एफएसएल की टीमें टाइल्स का कारोबार करने वाले राहुल झा के घर पहुंची.
राहुल की पत्नी 45 साल की गीता देवी का शव घर की दूसरी मंजिल पर खून से लथपथ पड़ा हुआ था, जबकि 21 साल की सबसे बड़ी बेटी नंदिनी, मझली बेटी 18 साल की राधिका और 15 साल की गौरी पहली मंजिल के बेडरूम में मौत की नींद सोई हुई थी. परिवार में मुखिया राहुल झा, पत्नी और तीन बेटियों के साथ ही राहुल के बुजुर्ग पिता लक्ष्मीकांत झा भी रहते थे.
आरोपी के पिता ने किया ये खुलासा
पिता लक्ष्मीकांत के मुताबिक राहुल ने सुबह 8:00 बजे के करीब उन्हें चाय बना कर दी. इससे पहले सुबह 7:00 उसने दूध वाले से दूध भी लिया था. उन्हें हत्या की जानकारी राहुल के जाने के बाद बच्चों के कमरे में दाखिल होने पर हुई. ऐसे में अनुमान यह लगाया जा रहा है कि चारों की हत्या सुबह 8:00 बजे के करीब ही की गई है.
वारदात के बाद से घर का मुखिया राहुल झा फरार है. उसका मोबाइल फोन भी बंद है. मोबाइल घर से ही बंद होने की वजह से उसकी लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो पा रही है. पुलिस फिलहाल यही मानकर चल रही है कि राहुल ने ही किसी वजह से पत्नी गीता देवी और तीनों बेटियों के सिर पर सीमेंट की ईंट से वार कर उन्हें मौत के घाट उतारा है. हालांकि पारिवारिक विवाद, पति पत्नी के रिश्तों के साथ ही आर्थिक तंगी, कर्ज और कारोबारी नुकसान जैसे एंगल पर भी पड़ताल की जा रही है.
‘पति-पत्नी के आपस में अच्छे थे रिश्ते’
करीबी रिश्तेदारों और पड़ोसियों के मुताबिक पति-पत्नी के रिश्ते बहुत अच्छे थे. इनमें आपस में कभी विवाद नहीं होता था. पूरा परिवार बेहद मिलनसार था. राहुल झा भी धार्मिक किस्म का व्यक्ति था. वह रोज सुबह पड़ोस के मंदिर जाता था. रिश्तेदारों और पड़ोसियों को यकीन नहीं हो रहा है कि राहुल इतना बेरहम हो सकता है कि वह पूरे परिवार को मौत के घाट उतार सकता है.
यही वजह है कि परिवार और पड़ोस के लोग पूरे मामले का पारदर्शी तरीके से खुलासा किए जाने और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर राहुल ने पूरे परिवार को मौत के घाट उतारा है तो उसे भी सजा मिलनी ही चाहिए.
पड़ोसी महिला से 3 दिन पहले उधार लिए थे पैसे
जानकारी के मुताबिक राहुल झा टाइल्स सप्लाई करने का काम करता था. लेकिन कोई शोरूम या दुकान नहीं होने की वजह से उसका काम ज्यादा नहीं चलता था. कुछ साल पहले उसने शेयर बाजार में निवेश शुरू कर दिया था. वह देर रात तक छत पर मोबाइल पर काम करता रहता था. राहुल ने पड़ोस की एक महिला से तीन दिन पहले 25 हजार रुपए उधार भी लिए थे और उसे दो महीने में वापस करने को कहा था.
बहरहाल घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल समेत दूसरे अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस का कहना है कि उनका शक फिलहाल परिवार के मुखिया राहुल झा पर ही जा रहा हैं. लेकिन वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है. हर एंगल पर छानबीन की जा रही है. राहुल के सामने आने पर ही गुत्थी सुलझ सकती है.
पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इस मामले में शक यह भी है कि सभी मृतकों को पहले खाने में कुछ मिलाकर उन्हें बेहोश कर दिया गया था. यही वजह है कि उनकी चीख ना तो परिवार के बुजुर्ग लक्ष्मीकांत सुन सके और ना ही पड़ोस के कोई लोग. पुलिस का कहना है कि इस मामले की भी पड़ताल की जा रही है.

