Ganpati Sthapana Rules: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को हर साल गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है और इस बार यह शुभ तिथि 14 सितंबर दिन सोमवार को है. महाराष्ट्र समेत उत्तर भारत के ज्यादातर इलाकों में गणेश चतुर्थी के मौके पर घरों और पंडालों में गणेशजी की स्थापना की जाती है और विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना करते हैं. गणेश चतुर्थी के दिन घर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि बप्पा को कितने दिनों तक घर में रखना चाहिए? कुछ लोग डेढ़ दिन बाद गणेशजी का विसर्जन करते हैं, तो कई परिवार 3, 5, 7 या पूरे 10 दिन तक बप्पा को घर में विराजमान रखते हैं. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि इनमें से सही परंपरा कौन-सी है?
अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेशजी को घर में रखने की कोई एक अनिवार्य अवधि नहीं है. अलग-अलग क्षेत्रों, परिवारों और परंपराओं में विसर्जन का समय अलग हो सकता है. भक्त अपनी श्रद्धा, पारिवारिक परंपरा और सुविधा के अनुसार बप्पा को घर में विराजमान कर सकते हैं. कई परिवार डेढ़ दिन तो कुछ परिवार 3, 5, 7 या पूरे 10 दिन तक गणेशोत्सव के बाद विसर्जन करते हैं. 10 दिन तक गणेशजी को रखना एक प्रसिद्ध परंपरा है, जिसमें अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति का विसर्जन किया जाता है. यह परंपरा महाराष्ट्र व पंडालों में बड़े स्तर पर देखने को मिलती है.
डेढ़ दिन के गणेशजी
कई घरों में भगवान गणेश की स्थापना के बाद डेढ़ दिन तक पूजा की जाती है और अगले दिन विसर्जन किया जाता है. इसे गणेशजी की विदाई का एक प्रचलित तरीका माना जाता है. जिन परिवारों के लिए लंबे समय तक पूजा करना संभव नहीं होता, वे इस परंपरा को अपना सकते हैं.
3 दिन तक बप्पा की पूजा
कुछ भक्त गणेशजी को तीन दिन तक घर में रखते हैं. इस दौरान प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा, आरती और भोग लगाया जाता है. तीसरे दिन श्रद्धापूर्वक गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है.
5 या 7 दिन की परंपरा
कई परिवारों में गणपति स्थापना के बाद पांचवें या सातवें दिन विसर्जन करने की परंपरा है. इन दिनों घर में पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन का माहौल रहता है. परिवार के सदस्य अपनी सुविधा के अनुसार बप्पा को विदाई देते हैं.
10 दिन तक क्यों रहते हैं गणेशजी?
गणेश उत्सव की सबसे प्रसिद्ध परंपरा 10 दिनों तक चलने वाली है. गणेश चतुर्थी से शुरू होकर यह उत्सव अनंत चतुर्दशी तक चलता है. इस दौरान भक्त भगवान गणेश की नियमित पूजा-अर्चना करते हैं और दसवें दिन भव्य विसर्जन किया जाता है. धार्मिक परंपरा में यह अवधि गणेशजी के पृथ्वी पर आगमन और फिर अपने धाम लौटने की प्रतीकात्मक मान्यता से जुड़ी मानी जाती है.
गणेशजी को कितने दिन रखना सबसे शुभ है?
इसका कोई एक निश्चित उत्तर नहीं है, आप जितने दिन ईश्वर की सेवा कर सकें, वह हर दिन महत्वपूर्ण होता है. डेढ़, 3, 5, 7 या 10 दिन सभी अवधियों में गणेशजी की स्थापना और विसर्जन की परंपरा अलग-अलग स्थानों पर प्रचलित है. सबसे महत्वपूर्ण बात श्रद्धा, पूजा की शुद्धता और परिवार की परंपरा है.
गणेश चतुर्थी का महत्व
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव का पर्व है. उन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धि, विवेक और मंगल के देवता के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि गणेशजी की आराधना से जीवन के विघ्न दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है. इसलिए बप्पा को कितने दिन रखना है, इसका फैसला परिवार की परंपरा और श्रद्धा के अनुसार किया जा सकता है. अंत में गणेशजी का विसर्जन पूरे सम्मान और भक्तिभाव के साथ करना ही सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है.

