नुक्कड़ नाटक, रंगोली, ड्रॉइंग एवं भाषण प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई राष्ट्र निर्माण की कल्पना, युवा शक्ति, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता को बनाया केंद्र

रायपुर- ‘सेवा संकल्प अभियान‘ के अंतर्गत गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, जनजागरूकता और राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान के तहत विद्यार्थियों ने कला, अभिनय और अभिव्यक्ति के माध्यम से विकसित भारत की अपनी कल्पना को प्रस्तुत किया। जिले के गौरेला स्थित रानी दुर्गावती चौराहा के पास आईटीआई गौरेला एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की बालिकाओं द्वारा नुक्कड़ नाटक और रंगोली के माध्यम से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं ‘पच्चीस करोड़ बच्चों के सपनों का भारत‘ थीम के तहत जिले के शासकीय एवं निजी सहित सभी 905 विद्यालयों में ड्रॉइंग एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

नुक्कड़ नाटक के जरिए युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण का संदेश

रानी दुर्गावती चौराहा में आयोजित नुक्कड़ नाटक में बालिकाओं ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा भाव, नमो गाथा तथा देश को समृद्ध, सशक्त और मजबूत राष्ट्र बनाने में युवा शक्ति की भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि देश के विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है और शिक्षा, कौशल, मेहनत तथा नवाचार के माध्यम से युवा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।

नुक्कड़ नाटक में युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाने तथा अपनी क्षमता और कौशल के अनुरूप आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एवं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश भी दिया गया।

स्वच्छता से पर्यावरण संरक्षण तक, विद्यार्थियों ने दिखाई जिम्मेदारी

जनजागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने, पानी एवं बिजली की बचत करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का संदेश दिया। नाटक के माध्यम से मेहनत, लगन, अनुशासन, एकता और भाईचारे जैसे मूल्यों को भी प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया।

रंगोली के माध्यम से भी सामाजिक सरोकारों, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेशों को आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया गया। रंगों और रचनात्मक आकृतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करने वाले विचारों को सामने रखा।

905 विद्यालयों में गूंजा ‘पच्चीस करोड़ बच्चों के सपनों का भारत‘

‘पच्चीस करोड़ बच्चों के सपनों का भारत‘ थीम के तहत जिले के सभी 905 शासकीय एवं निजी विद्यालयों में ड्रॉइंग एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी कल्पनाशीलता और विचारों के माध्यम से विकसित भारत के सपने को चित्रों और भाषणों में अभिव्यक्त किया।

ड्रॉइंग प्रतियोगिता में बच्चों ने स्वच्छ एवं सुंदर भारत, हरित पर्यावरण, आधुनिक शिक्षा, तकनीकी प्रगति, आत्मनिर्भरता, सामाजिक एकता और सशक्त राष्ट्र जैसे विषयों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। वहीं भाषण प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा, युवा शक्ति, नवाचार, कौशल विकास, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।

बच्चों के सपनों में दिखी विकसित भारत की तस्वीर

प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की कल्पनाओं में ऐसा भारत दिखाई दिया, जो स्वच्छ, शिक्षित, आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से सक्षम और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील हो। बच्चों ने अपने चित्रों और विचारों के माध्यम से आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रकृति संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और समान अवसरों वाले भारत की परिकल्पना प्रस्तुत की।

इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिता का मंच ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें अपने विचारों को सार्वजनिक रूप से व्यक्त करने और राष्ट्र के भविष्य को लेकर अपनी कल्पना साझा करने का अवसर भी प्रदान किया। इससे बच्चों में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहन मिला।

सेवा संकल्प अभियान से जुड़ी युवा सोच, विकसित भारत का संकल्प

‘सेवा संकल्प अभियान‘ के अंतर्गत आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से जिले के बच्चों और युवाओं ने सेवा, समर्पण, अनुशासन और जनभागीदारी की भावना को अभिव्यक्त किया। नुक्कड़ नाटक, रंगोली, ड्रॉइंग और भाषण जैसे माध्यमों से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि विकसित भारत का निर्माण केवल योजनाओं और संसाधनों से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच से भी संभव है।

जिले के 905 विद्यालयों में विद्यार्थियों की सहभागिता ने अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ा। बच्चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से विकसित भारत की कल्पना को समाज के सामने लाने वाली ये गतिविधियां नई पीढ़ी में राष्ट्र निर्माण की भावना, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुईं।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
Exit mobile version