भिलाई/दुर्ग। छत्तीसगढ़ का पहला नशामुक्ति केंद्र सरकारी दवाओं की आपूर्ति बाधित होने के कारण बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। लालबहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला, भिलाई में विगत तीन महीनों से नशामुक्ति की दवाओं का स्टॉक एकदम से घटा दिया गया है। दवाई खत्म होने के कारण, नशा छोड़ चुके लोग अब फिर से गलत दिशा में जाएंगे तथा समाज का नुकसान होगा। शासन द्वारा नशामुक्ति की दिशा में किये गए सारे प्रयासों पर कमीशनखोरी के चक्कर में पानी फिरने का खतरा आ खड़ा हुआ।
गौरतलब है, NACO (national aids control organization) कार्यक्रम,जो कि भारत सरकार द्वारा चलाया जाता है इसमें खरीदी राज्य स्तर के अधिकारियों से होती है। ऐसे लोग जो नशा करते थे उनको मुख्यधारा से जोडऩे हेतु OST खोला गया था। भिलाई चिकित्सालय में संचालित यह केंद्र,ष्द्द का पहला सफल प्रयोग था। किंतु अब अधिकारियों की कमीशनखोरी के चलते 2-3 माह से दवाई नही आ रही और अब दवाई लगभग खत्म हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि OST (Opium substitute treatment) के क्षेत्र में सुपेला अस्पताल ने अभिनव उपलब्धि हासिल करते हुए देश के प्रथम दस केंद्रों में स्थान बनाया है। किंतु अब सरकारी सप्लाई नही होने के कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसी तरह से स्थानीय चिकित्सक व्यवस्था चला रहे है। किंतु कब तक चल पाएगा, कहना मुश्किल है। पूछने पर सन्तोषनक जवाब भी नही मिल रहा है। नशा छोड़कर समाज व राष्ट्र की मुख्यधारा में जुड़ चुके लोगों के सामने विकट स्थिति आ खड़ी है। ऐसे में कई लोग पुराने राह पर लौट सकते है। यदि ऐसा हुआ तो तो एक दशक की तपस्या विफल पड़ सकता है। यह स्वास्थ्य विभाग की ही नही बल्कि सैकड़ों पीडि़त परिवारों को भारी पड़ेगा।
इस वजह से बंद होने के कगार पर छत्तीसगढ़ का पहला नशामुक्ति केन्द्र..!
Previous Articleसुकमावासियों को 225 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात
Next Article मुख्यमंत्री ने कसरत कर युवाओं को दिया फिटनेस मंत्र

