मुंबई: उत्तर प्रदेश और बिहार के बाद देश के सबसे बड़े राज्य महाराष्ट्र में अभी कुल 19 नेता मुख्यमंत्री बने हैं। ऐसे में जब राज्य की कमान देवेंद्र फडणवीस के हाथों में हैं तब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने पुणे में गणपति से प्रार्थना की और अपने पिता राज ठाकरे को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने की मुराद मांगी है। अमित ठाकरे के अपने पिता के मुख्यमंत्री बनने की प्रार्थना किए जाने पर बीजेपी और उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी की प्रतिक्रिया सामने आई है। बीजेपी ने तंज कसते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री बनने के लिए विधानसभा में सदस्यों की संख्या चाहिए, लेकिन बीजेपी के तंज पर शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के नेता संजय राउत ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी है।
बेटे अमित ने की बप्पा से दुआ
संजय राउत ने कहा है कि गणपति से मन्नत मांगने में कुछ गलत नहीं है और अमित ठाकरे की इस भावना से उन्हें खुशी है। उनके मुताबिक अब पार्टी को संगठन और आगे की दिशा तय करनी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि साजिश करके उद्धव ठाकरे को सत्ता से हटाया गया। बीजेपी और शिंदे गुट का एकमात्र काम ठाकरे परिवार को रोकना है, लेकिन यह रोक कारगर नहीं होगी। संजय राउत ने कहा है कि ठाकरे भाई 2029 में साथ रहेंगे और बैठकर चर्चा करेंगे।
संजय राउत ने किया उद्धव ठाकरे का जिक्र
संजय राउत ने याद दिलाते हुए कहा कि उद्धव के मुख्यमंत्री बनने की कल्पना भी किसी ने नहीं की थी, जबकि वे खुद यह कहते रहे थे। संजय राउत अनुसार बहुमत सबसे चंचल चीज है और आज मोदी के पास जो बहुमत है, वह 72 घंटे में जा सकता है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे में 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद नजदीकी बढ़ी है। दोनों ठाकरे भाईयों ने स्थानीय निकाय के चुनावों में हाथ मिलाया था। मुंबई बीएमसी के चुनावों में बीजेपी को बहुमत से रोक दिया था।
राज ठाकरे की बड़ी बातें
- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के संस्थापक और अध्यक्ष राज ठाकरे का जन्म 14 जून 1968 को मुंबई में हुआ था।
- उनकी मौजूदा उम्र 58 साल है। राज ठाकरे का वास्तविक नाम स्वरराज श्रीकांत ठाकरे है।
- राजनीतिक सफर की शुरुआत शिवसेना के छात्र संगठन भारतीय विद्यार्थी सेना को लॉन्च करके की। 1990 के दशक में वह शिवसेना के एक आक्रामक और उभरते हुए युवा नेता के रूप में सामने आए।
- 2003 में जब बाल ठाकरे ने अपने बेटे उद्धव ठाकरे को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया, तो दोनों भाइयों के बीच दूरियां बढ़ गईं। आखिरकार, दिसंबर 2005 में उन्होंने शिवसेना छोड़ दी।
- 9 मार्च 2006 को उन्होंने अपनी नई क्षेत्रीय पार्टी ‘महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना’ (मनसे) का गठन किया।
- मनसे ने 2007 के बीएमसी चुनावों में 28 सीटें जीतीं और 2009 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 सीटें अपने नाम कीं, जिससे वह महाराष्ट्र की राजनीति के किंगमेकर बनकर उभरे।
- 2009 के बाद मनसे के चुनावी ग्राफ में गिरावट आई। हाल के सालों (2024-2026) में बदलती सियासी परिस्थितियों के बीच वे महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय और बीएमसी चुनावों में मराठी अस्मिता और हिंदुत्व के मुद्दों पर फिर से सक्रिय भूमिका निभाते नजर आए हैं।
भाषण शैली में निपुण हैं राज ठाकरे
राज ठाकरे महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली वक्ताओं में गिने जाते हैं। उनके बोलने का अंदाज, आवाज की कड़क और जनसभाओं में भीड़ जुटाने की क्षमता उनके चाचा बाल ठाकरे की याद दिलाती है। वह शुरू से ही ‘मराठी मानुष’ और क्षेत्रीय अस्मिता के कट्टर समर्थक रहे हैं। 2008 में उत्तर भारतीय प्रवासियों के खिलाफ चलाया गया उनका आंदोलन भारतीय राजनीति में बेहद चर्चित और विवादित रहा। राजनीति के अलावा राज ठाकरे एक कुशल स्केच आर्टिस्ट और कार्टूनिस्ट भी हैं। उन्होंने शिवसेना के मुखपत्र ‘मार्मिक’ के लिए भी कार्टून बनाए हैं। इसके अलावा उन्हें संगीत, सिनेमा और फोटोग्राफी की गहरी समझ है। वे अपनी रैलियों में लाव रे तो वीडियो (चलाओ वो वीडियो) जैसे अनूठे डिजिटल और मल्टीमीडिया फैक्ट-चेकिंग के तरीकों के इस्तेमाल के लिए जाने जाते हैं, जो जनता के बीच काफी लोकप्रिय हुआ है। वे बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी बात स्पष्टता से रखने के लिए प्रसिद्ध हैं।

