Viral News: भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की अच्छी खासी नौकरी छोड़कर अगर कोई कपड़े बेचने लगे तो हर किसी के मन में सवाल आएगा कि आखिर उसने ऐसा किया क्यों. ऐसे ही एक महिला ने एयरफोर्स की अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी और कपड़े बेचने को काम शुरू कर दिया. महिला एयरफोर्स में अधिकारी थी. अब जब उसे लोग कपड़े बेचते हुए देखते हैं तो अक्सर उससे सवाल करते हैं कि उसने एयरफोर्स की नौकरी छोड़ कपड़े की दुकान खोलने का फैसला क्यों किया. महिला की दुकान में आने वाले कस्टमर उससे अक्सर पूछते हैं कि उसने एयरफोर्स (IAF) की नौकरी क्यों छोड़ी और वह इस काम में कैसे आ गई? दुकान में लगातार कस्टमर के इस तरह के सवाल पूछने पर अब उस महिला ने अब इंस्टाग्राम पर नौकरी छोड़ने का कारण बताया है.
देहरादून में शुरू की नई जिंदगी
महिला ने एक वीडियो में एयरफोर्स की नौकरी छोड़ने और आगे की प्लान के बारे में विस्तार से बात की है. एयरफोर्स की पूर्व लेडी ऑफिसर का इंस्टाग्राम पर Call me Ashh (thefaujifounder) के नाम से अकाउंट है. महिला का नाम ऐश्वर्या है और उसने भारतीय वायुसेना (Air Force) में 14 साल तक अधिकारी रही है. इसके बाद एयरफोर्स की नौकरी छोड़कर महिला ने अपने होमटाउन देहरादून में नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया. महिला ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि इंडियन एयर फ़ोर्स की अपनी शानदार नौकरी क्यों छोड़ी और कपड़ों का ब्रांड क्यों शुरू किया?
ऐश्वर्या ने वीडियो में कहा कि यकीन नहीं करेंगे कि मेरे कस्टमर्स मुझसे सबसे ज्यादा कौन सा सवाल पूछते हैं, आप यहां वहां से कैसे पहुंचीं? मतलब, आप एयर फोर्स ऑफिसर से बुटीक ओनर कैसे बन गईं?
महिला ने कहा कि एयर फोर्स छोड़ना मेरी मर्जी नहीं थी. मैं शॉर्ट सर्विस ऑफिसर थी, इसलिए मुझे चौदह साल बाद छोड़ना ही पड़ा. सच कहूं तो यहां कोई बड़ी फाउंडर वाली कहानी नहीं है. मैं बचपन से बिजनेसवुमन बनने का सपना लेकर बड़ी नहीं हुई थी. मेरा बचपन का कोई सपना नहीं था कि एक दुकान खोलूंगी. ऐसा कोई पल भी नहीं था कि ‘मुझे हमेशा से पता था कि फैशन ही मेरा पैशन है’.
VIDEO में बताया, क्यों छोड़ी नौकरी
एयरफोर्स की पूर्व अधिकारी ने कहा कि ये बहुत ही सिंपल बात थी, जो मुझे समझ आई कि मैं अपने बच्चों के करीब रहना चाहती थी. मेरे माता-पिता भी अब बूढ़े हो रहे हैं, उन्हें मेरी ज़्यादा ज़रूरत है. मैं थोड़ा रुकना चाहती थी और उन लोगों के लिए मौजूद रहना चाहती थी जिनसे मैं प्यार करती हूं. मेरा घर तो सच में दुकान से सिर्फ 100 मीटर दूर है. तो मैंने सोचा अगर कुछ बनाना ही है, तो यहीं क्यों न बनाऊं?

