महाराष्ट्र के पुणे शहर के घोरपड़ी इलाके में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान शुक्रवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। बीटी कवडे मार्ग पर हुए इस हादसे में 18 वर्षीय हलगी वादक विघ्नेश पवार की मौत हो गई। हादसे के बाद रामटेकड़ी और घोरपड़ी इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
ट्रॉली के पीछे बैठा था विघ्नेश
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे गणेश विसर्जन जुलूस बीटी कवडे मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान विघ्नेश पवार गणेश मंडल के ट्रैक्टर से जुड़ी ट्रॉली के पिछले हिस्से में बैठा था। जब जुलूस कालूबाई चौक के पास पहुंचा, तभी विघ्नेश अचानक ट्रॉली के पहिए के नीचे आ गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
हादसे के तुरंत बाद विघ्नेश को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही मुंढवा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गणेश विसर्जन के उत्साह के बीच हुए इस हादसे से विघ्नेश के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके साथ जुलूस में शामिल रहे साथियों को भी इस घटना से गहरा सदमा लगा है। रामटेकड़ी और घोरपड़ी इलाके में शोक का माहौल है।
पुलिस जांच में जुटी, लापरवाही की भी होगी जांच
मुंढवा पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा किस वजह से हुआ। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाने में किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं। जुलूस के दौरान वाहन की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
24 घंटे बाद भी चल रहा विसर्जन समारोह
बता दें कि मुंबई में 21 घंटे से अधिक समय तक की विसर्जन यात्राओं के बाद लालबागचा राजा और चिंचपोकलीचा चिंतामणि जैसी प्रसिद्ध गणपति प्रतिमाओं का समुद्र में विसर्जन किया गया। लेकिन विभिन्न समुद्र तटों पर कुछ बड़ी गणपति प्रतिमाएं अब भी विसर्जन का इंतजार कर रही हैं। गणपति विसर्जन यात्राएं शुक्रवार सुबह अनंत चतुर्दशी के दिन शुरू हुई थीं। 12 दिवसीय गणेश उत्सव के अंतिम दिन शुरू हुई ये यात्राएं पूरी रात चलती रहीं जिसमें हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
लालबागचा राजा की प्रतिमा का आज सुबह करीब 10:50 बजे अरब सागर में विसर्जन किया गया। चिंचपोकलीचा चिंतामणि का सुबह करीब 10 बजे विसर्जन किया गया। इसके बाद लालबाग के बाल गणेश मंडल के बल्लालेश्वर की प्रतिमा का लगभग 11 बजे विसर्जन हुआ। अधिकारियों ने बताया कि मुंबई में अगले कुछ घंटे में विसर्जन यात्राएं पूरी हो जाएंगी।


