सेवानिवृत्त भारतीय वायुसेना अधिकारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अनूप वर्मा के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व अधिकारी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की आतंकी अजमल कसाब से तुलना की है। इसके बाद कांग्रेस सेवा दल ने साइबर शिकायत दर्ज कराई है।
बता दें कि अनूप वर्मा ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी और अजमल कसाब की तस्वीरों वाला एक कोलाज शेयर किया था। पोस्ट में पूर्व अधिकारी वर्मा ने लिखा- पूरे विश्वास के साथ मैं आप लोगों से कह सकता हूं कि बाईं ओर वाला व्यक्ति भारत के लिए कहीं अधिक खतरनाक है। कोलाज में राहुल गांधी की तस्वीर बाईं ओर थी। इस पोस्ट के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। कांग्रेस ने इसे लोकसभा में विपक्ष के नेता की तुलना एक आतंकवादी से किए जाने का मामला बताया है।
‘कानूनी रास्ते से आगे बढ़ाया जाएगा मामला’
मामले में कांग्रेस सेवा दल की कानूनी इकाई की प्रतिक्रिया सामने आई। संगठन ने कहा कि शिकायत को उचित कानूनी माध्यमों के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा। कांग्रेस पार्टी, उसके नेताओं या सदस्यों को निशाना बनाने वाले किसी भी कथित दुर्भावनापूर्ण या गैरकानूनी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस सेवा दल ने कहा कि वह ऐसे हर कथित गैरकानूनी कृत्य को चुनौती देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य संवैधानिक पदों को बदनाम करना, कांग्रेस नेताओं की मानहानि करना या लोकतांत्रिक असहमति को आतंकवाद के साथ जोड़ना है।
संगठन ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े संविधान के अनुच्छेद 19 का भी जिक्र किया। कांग्रेस सेवा दल ने कहा कि यह अधिकार कानून द्वारा निर्धारित उचित प्रतिबंधों के अधीन है। कांग्रेस सेवा दल के मुताबिक, मामले में संविधान, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लागू साइबर कानूनों के तहत कानूनी उपाय अपनाए जाएंगे।
संगठन ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
रिटायर्ड IAF अधिकारी ने भी जताई आपत्ति
पूर्व अधिकारी वर्मा की पोस्ट पर सेवानिवृत्त भारतीय वायुसेना अधिकारी सार्जेंट कर्मवीर सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में साइबर शिकायत दर्ज कराई गई है और राहुल गांधी की तुलना एक दोषी आतंकवादी से किए जाने पर सवाल उठाया।
सिंह ने एक्स पर लिखा- आप लोकसभा में विपक्ष के नेता की तुलना एक दोषी आतंकवादी से कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन सम्मान और शालीनता बनी रहनी चाहिए। सिंह ने लिखा कि विपक्ष के नेता की आलोचना की जा सकती है, लेकिन ऐसी तुलना से बचना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में गहरे राजनीतिक मतभेदों की जगह है, लेकिन इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों और सार्वजनिक संवाद की मर्यादा को प्रभावित करती है।
सिंह ने यह भी कहा कि वायुसेना में सेवा देने मात्र से किसी व्यक्ति को राजनीतिक टिप्पणी करते समय मर्यादा से परे जाने का अधिकार नहीं मिल जाता।

