पटना। फुलवारीशरीफ इलाके में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे खाकी को भी अपना निशाना बनाने से नहीं हिचकिचा रहे हैं। एक नियमित गश्त के दौरान जब महिला पुलिसकर्मियों ने संदिग्धों से पूछताछ की, तो एक सिरफिरे युवक ने सरेआम बदसलूकी करते हुए महिला पुलिसकर्मी पर थप्पड़ बरसा दिए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
रोको-टोको अभियान के दौरान हुई औचक झड़प
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खेमनीचक इलाके के सुभाष चौक के पास की है। बुधवार की शाम लगभग 6:30 बजे रामकृष्ण नगर थाने की चर्चित ‘पुलिस दीदी’ यानी सब-इंस्पेक्टर प्रियंका कुमारी अपनी पांच महिला आरक्षियों के साथ इलाके में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रही थीं और गश्त कर रही थीं। इसी दौरान सुभाष चौक के पास कुछ युवक बेहद संदिग्ध हालत में घूमते हुए नजर आए। आम जनता की सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाले ‘रोको-टोको’ अभियान के तहत पुलिस दीदी ने उन युवकों को रुकने का इशारा किया और उनसे पूछताछ शुरू कर दी।
बहस से शुरू हुआ विवाद, युवक ने जड़े थप्पड़
शुरुआती पूछताछ के दौरान ही युवकों ने पुलिस के तर्ज-ए-कार पर सवाल उठाते हुए विरोध जताना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे मामला गर्माता चला गया और एक युवक पुलिस दीदी के साथ बहस करने लगा। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि उस युवक ने महिला पुलिस अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। वहां मौजूद अन्य महिला आरक्षियों ने जब उसे समझाने और शांत करने का प्रयास किया, तो आरोपी युवक ने आक्रोश में आकर हाथापाई शुरू कर दी। इस सनसनीखेज वारदात का पूरा वाकया पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में स्पष्ट रूप से कैद हो गया, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे वह युवक सरेआम महिला पुलिसकर्मी पर थप्पड़ बरसा रहा है।
आरोपियों की तलाश में छापेमारी
दिनदहाड़े और चौराहे पर हुई इस मारपीट की घटना से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना की पुष्टि करते हुए पटना सदर पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी-2 (SDPO) मनोज कुमार ने बताया कि एसआई प्रियंका कुमारी अपनी टीम के साथ रूटीन पेट्रोलिंग पर थीं, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण वाकया हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी युवक की पहचान तेजी से की जा रही है। पुलिस ने आरोपी की धर-पकड़ और गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर कानून के रखवालों की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों के बढ़ते दुस्साहस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


