जम्मू डेस्क : प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जे.के.एल.एफ.) के जेल में बंद प्रमुख यासीन मलिक और 6 अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय कर दिए गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) के अनुसार यह मामला हवाला के जरिए पाकिस्तान से धन प्राप्त करने से संबंधित है। दिल्ली की एक अदालत के विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने मलिक और अन्य लोगों के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (पी.एम.एल.ए.) की धाराओं 3 (धनशोधन का अपराध) और 4 (धनशोधन के लिए सजा) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।
उन्होंने कहा कि 7 आरोपियों के खिलाफ ‘प्रथम दृष्टया मजबूत संदेह’ है। अन्य आरोपियों में जहूर अहमद शाह वटाली, अब्दुल रशीद शेख, शब्बीर अहमद शाह, नवल किशोर कपूर, मसरत आलम भट और ट्रिसन फ्रेम्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। एजैंसी का आरोप है कि आरोपियों ने अपने अलगाववादी एजैंडे को आगे बढ़ाने और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल होने के लिए पाकिस्तानी प्रतिष्ठानों से धन प्राप्त किया।

