चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। उनके मामले में आज सुनवाई होनी है। कोर्ट ने उन्हें 2 करोड़ रुपए सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का आदेश दिया था। इससे पहले हुई सुनवाई में रकम जमा नहीं करने पर अदालत ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी।
कोर्ट ने दिया था एक और मौका
सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर को हुई सुनवाई में राजपाल यादव को 2 करोड़ रुपए जमा करने के लिए एक और मौका दिया था। कोर्ट ने कहा था कि 15 सितंबर के आदेश के बाद भी रकम जमा नहीं की गई। इसके बाद उन्हें मंगलवार तक पैसे जमा करने को कहा गया था और अगली सुनवाई बुधवार के लिए तय की गई। उस दौरान राजपाल यादव के वकील ने अदालत में 50-50 लाख रुपए के चार डिमांड ड्राफ्ट की फोटो कॉपी दिखाई थी। बताया गया था कि ये ड्राफ्ट महाराष्ट्र से जारी हुए हैं और उन्हें दिल्ली लाया जा रहा है। हालांकि, शिकायत करने वाली कंपनी ने इस पर सवाल उठाए थे।
कोर्ट ने क्या कहा था?
पिछली सुनवाई में जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने राजपाल यादव के मामले पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि वह एक तरफ शिकायतकर्ता का पैसा वापस दिलाने की कोशिश कर रहा है और दूसरी तरफ अभिनेता की अपील पर भी सुनवाई कर रहा है।
जस्टिस बागची ने यह भी सवाल उठाया था कि क्या ‘संविधान के साथ विश्वासघात करने वालों के लिए भी इस प्रतीक की भावना काम करेगी?’ यह टिप्पणी मामले की सुनवाई के दौरान चर्चा में रही।
16 साल पुराना है मामला
राजपाल यादव से जुड़ा यह विवाद करीब 16 साल पुराना है। शिकायतकर्ता कंपनी के मुताबिक, 2010 में अभिनेता ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए करीब 5 करोड़ रुपए लिए थे। बाद में रकम लौटाने को लेकर विवाद हुआ और दिए गए चेक बाउंस हो गए।
इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई 2026 में राजपाल यादव की सजा बरकरार रखी थी। उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी। अब बुधवार की सुनवाई में सबसे अहम बात यह होगी कि 2 करोड़ रुपए जमा करने के कोर्ट के आदेश पर क्या हुआ और सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आगे क्या निर्देश देता है।


