नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को सऊदी अरब के रियाद में दो हवाई अड्डों पर यमन के ईरान-समर्थित हूती समूह द्वारा किए गए हालिया हमलों की निंदा की और आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया।
मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि रियाद में आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों में आम नागरिकों की मौत हुई और वे घायल हुए। बयान में कहा गया, “भारत पिछले कुछ दिनों में रियाद में आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए हमलों की निंदा करता है, जिनमें आम नागरिकों की मौत हुई और वे घायल हुए।”
ये पूरी तरह से अस्वीकार्य है’
बयान में आगे कहा गया, “आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। हम उन लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। हम घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं। हम सऊदी अरब साम्राज्य के लोगों और सरकार के साथ एकजुटता व्यक्त करते हैं और उनके साथ खड़े हैं।”
हमलों में तीन की मौत 36 घायल
बीबीसी की रिपोर्ट में बताए गए सऊदी अधिकारियों के अनुसार, दो दिनों में सऊदी के इन दो हवाई अड्डों पर हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हुई और 36 लोग घायल हुए। जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने बुधवार को बताया कि आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हुई और 28 लोग घायल हुए।
इसने बताया कि रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक अलग हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और आठ अन्य घायल हो गए। ये हमले 6 और 7 अक्टूबर को हुए। हालांकि जीएसीए ने यह नहीं बताया कि किस दिन किस हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया था।
जीएसीए के अनुसार, आभा हमले में मारे गए लोगों में मोरक्को और अल्जीरिया की नागरिक दो महिलाएं भी शामिल थीं। इन हमलों की जिम्मेदारी हूती गुट ने ली है। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान नहीं बताई।

