FlyDubai का विमान उड़ा रहे भारतीय पायलट, कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच के लिए NIA ने केस दर्ज किया है। एनआईए ने FIR में इस मामले में एंटी-हाइजैकिंग एक्ट की धारा 3 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है। NIA का आरोप है कि कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला FlyDubai विमान को हाईजैक करने या क्रैश करने की साफ कोशिश के तहत किया गया था। भारतीय नागरिक और कैप्टन के शामिल होने के चलते, भारत की सुरक्षा एजेंसियां और एनआईए इस पूरे मामले और आतंकी एंगल की गंभीरता से जांच कर रही हैं।
यह है पूरा मामला
30 सितंबर 2026 को दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान में सह-पायलट (ओमानी नागरिक हमम अल-हम्ममी) ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर कॉकपिट के अंदर क्रैश एक्स (कुल्हाड़ी) से हमला कर दिया था। हमले के बाद विमान अचानक करीब 17,000 फीट नीचे गोता लगा गया था, लेकिन घायल कैप्टन और यात्रियों/क्रू के साहस से स्थिति को नियंत्रित किया गया और विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।
UAE के अटॉर्नी-जनरल ने किया खुलासा
UAE के अटॉर्नी-जनरल हमद सैफ अल शम्सी का कहना है कि, फ्लाइट FZ1073 की जांच से पता चला है कि विमान के ओमानी को-पायलट ने पहले से ही एक आतंकी साजिश रची थी। विमान के को-पायलट ने विमान पर कब्जा करने और तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पैसेंजर टर्मिनल पर आत्मघाती हमला करने की योजना बनाई थी। संदिग्ध की चरमपंथी सोच 2017 में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान शुरू हुई, जहां वह तकफीरी विचारधारा से प्रभावित हुआ था।
जनवरी 2026 में फ्लाईदुबई (flydubai) में शामिल होने से पहले उसने ओमान एयर और रॉयल एयर मारोक समेत कई एयरलाइंस के लिए काम किया था। संदिग्ध ने तेल अवीव की दो पिछली उड़ानों का इस्तेमाल रूट और एयरपोर्ट की जानकारी हासिल करने के लिए किया था।
घटना वाले दिन, उसने इमरजेंसी कुल्हाड़ी से विमान के कैप्टन पर हमला किया, लेकिन वापसी की उड़ान के लिए तैनात पायलट, केबिन क्रू के एक सदस्य और कई यात्रियों ने उसे काबू कर लिया। संदिग्ध ने अकेले ही यह काम करने की बात कबूल की है, लेकिन इस दावे की पुष्टि के लिए जांच जारी है। पब्लिक प्रॉसिक्यूशन सबूतों की जांच और संभावित साथियों का पता लगाने का काम जारी रखे हुए है।


