वाशिंगटन। अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) के निर्देश पर होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस (एचएसआई) ने सोमवार तड़के डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद इल्हान उमर के वाशिंगटन स्थित आवास पर छापामारी की। अधिकारियों ने कोर्ट के जारी सर्च वारंट के आधार पर कार्रवाई की है।
ट्रंप प्रशासन के नवनियुक्त बॉर्डर जार टॉम होमन ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि न्याय विभाग और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग मिलकर इस मामले की जांच कर रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने जांच की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए मामले की विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह छापामारी किस सिलसिले में की गई है।
मामले से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, यह जांच कथित आप्रवासन धोखाधड़ी से संबंधित है। इसका एक हिस्सा सोमालिया में जन्मीं इल्हान उमर के उन इमिग्रेशन दस्तावेजों से जुड़ा है, जिन्हें उनके बचपन के दौरान उनके दिवंगत पिता ने भरा था। इल्हान उमर पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की मुखर आलोचक रही हैं और अक्सर उनके निशाने पर भी रही हैं।
चुनाव से ठीक पहले कार्रवाई पर विरोध
यह छापामारी 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से ठीक तीन हफ्ते पहले हुई है। मिनेसोटा के डेमोक्रेट्स ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।
मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप चुनाव से कुछ हफ्ते पहले अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए अपनी ताकत का दुरुपयोग कर रहे हैं।
हालांकि, न्याय विभाग के नियमों के तहत अभियोजकों और एजेंटों को चुनाव परिणामों को प्रभावित करने या किसी राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने वाली कार्रवाइयों से बचने का निर्देश होता है।
राजनीतिक विरोधियों पर जांच का सिलसिला
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान न्याय विभाग ने कई कथित राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ जांच शुरू की है और आरोप तय किए हैं। इनमें पूर्व एफबीआई निदेशक जेम्स कोमी, न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स और ट्रंप के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन शामिल हैं।
इसके अलावा डेमोक्रेटिक सीनेटर एडम शिफ और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों जेरोम पॉवेल व लीसा कुक के खिलाफ भी जांच की गई है।
इनमें से लेटिटिया जेम्स के खिलाफ दर्ज केस को संघीय अदालत ने खारिज कर दिया है, जबकि जॉन बोल्टन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

