जयपुर: राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की सरगर्मियां इन दिनों सुर्खियों में है। प्रत्याशियों के चयन पर दावेदारों में कशमकश चल रही है। भारतीय जनता पार्टी ने जिला परिषद सदस्यों के प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। बीती रात को जयपुर जिला परिषद के 55 प्रत्याशियों की सूची जारी की। इस सूची में जमवारामगढ की पूर्व प्रधान मंजू मीणा को टिकट नहीं दिया गया। मंजू मीणा की ओर से वार्ड 47 से टिकट की दावेदारी की जा रही थी लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया।
फूट फूट कर रोया पूर्व पार्षद बेटा विजय मीणा
मां को टिकट नहीं मिलने पर बेटा फूट फूट कर रोया। मंजू मीणा का बेटा विजय मीणा पूर्व में जिला परिषद सदस्य यानी पूर्व पार्षद रहा है। इस बार टिकट नहीं मिलने पर विजय मीणा फूट फूट कर रोने लगे और रोते हुए का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। मां को टिकट नहीं मिलने पर विजय मीणा अपने सोशल मीडिया के पेज पर लाइव आया और टिकट नहीं मिलने से आहत होकर रोने लगा। रोते हुए का करीब 10 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।
बड़े नेताओं पर लगाए आरोप
वीडियो में विजय मीणा रोते हुए कह रहा है कि उन्होंने क्षेत्र के विकास कार्यों में कभी कोई कमी नहीं रखी। पार्टी की गतिविधियों में भी वे लगातार सक्रिय रहे। ज्यादातर नेताओं के साथ उनके अच्छे संबंध हैं लेकिन कुछ नेता नहीं चाहते की उनका परिवार आगे बढ़े। यही वजह है कि कुछ नेताओं के इशारे पर मेरी मां का टिकट काट दिया गया। हालांकि विजय मीणा का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा के किसी नेता का कोई बयान नहीं आया है।
लोग कह रहे – चाची को मिल गया ना
वीडियो शेयर होने के बाद लोग रिप्लाई देते हुए कमेंट कर रहे हैं। कुछ सोशल मीडिया यूजर लिख रहे हैं कि आपकी मां को टिकट नहीं मिला तो क्या हुआ, आपकी चाची को मिल गया है। एक ही तो बात है। परिवार के एक सदस्य को टिकट मिल गया, इसके बावजूद भी इस तरह का वीडियो शेयर करना कितना उचित है। कुछ लोग लिख रहे हैं कि आपने जनहित में काम किए हैं तो भविष्य में आपको फिर मौका मिल जाएगा।
पार्टी में पदाधिकारी भी है मंजू मीणा
जिला परिषद सदस्य में जिस मंजू मीणा का पार्टी ने टिकट काटा है। वह मंजू मीणा जमवारामगढ़ पंचायत समिति की पूर्व में प्रधान रह चुकी हैं। वे लंबे समय से भाजपा से जुड़ी हैं और वर्तमान में वे जयपुर देहात की जिला उपाध्यक्ष भी हैं।

