‘नाव में मेरे साथ 25 लोग थे. मेरे दादाजी ने मुझे बचाया’. यह बात वैशाली के राघोपुर में हुए नाव हादसे के दौरान जिस बच्चे को बचाया गया, उसने कहा. बच्चों ने आंखों देखी पूरे खौफनाक मंजर की कहानी बताई. आदित्य कुमार नाम के एक बच्चे ने बताया, नाव में एक छोटा सा छेद था, जिससे पानी अंदर आने लगा. आखिरकार, नाव पलट गई. जो लोग समय पर नाव से नहीं उतर पाए, वे बच नहीं सके

हादसे से बचाए गए बच्चों ने और क्या बताया?

बच्चे ने आगे यह भी कहा- मैंने एक आदमी का पैर पकड़ लिया. उसने मुझे अपने कंधों पर उठा लिया. उसने दूसरे आदमी को बुलाया और मुझे पकड़ने के लिए पेड़ की एक मोटी डाल दी. फिर वह मेरे साथ तैरकर किनारे तक ले आया. इस तरह मैं बच गया. हादसे के दौरान अभिराज नाम के भी एक बच्चे को बचाया गया. उसने कहा, नाव में करीब 20 लोग थे. अचानक नाव पलटने लगी. पूरी तरह पलटने से पहले ही मैं पानी में कूद गया. इस दौरान मेरे साथ के बाकी लोग भी डूब गए.

बच्चे ने कहा- नाव में छेद के कारण पानी रिसने लगा

अंश नाम के एक बच्चे ने कहा, नाव में छेद हो गया था, इसलिए पानी अंदर रिसने लगा. एक आदमी ने पानी बाहर फेंकने की कोशिश की, लेकिन जब हम थोड़ा आगे बढ़े तो पानी और तेजी से अंदर आने लगा. आखिरकार पूरी नाव पानी से भर गई और फिर वह पलट गई. इस तरह से नाव हादसे के दौरान घटना स्थल पर क्या-क्या हुआ और किस तरह से लोगों को बचाने की कोशिश की गई, इसके बारे में पूरी जानकारी दी.

नाव के जर्जर होने की थी शिकायत

हादसे के बाद नाव के जर्जर होने को लेकर ही सवाल खड़े किए जा रहे थे. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान जब पटना पहुंचे थे, तब उनसे प्रशासन की लापरवाही से जुड़ा सवाल किया गया था. इस पर उन्होंने कहा था कि उनके संज्ञान में यह बात आई है कि प्रशासन की तरफ से लापरवाही की गई है.

चिराग पासवान ने दिया था बयान

चिराग पासवान ने यह भी कहा था कि ग्रामीणों की ओर से वहां नाव की मांग की गई थी. लेकिन अगर नाव मांग की गई और नहीं मुहैया कराई गई तो यह बहुत बड़ी लापरवाही है. जो भी दोषी होंगे, कार्रवाई उसके ऊपर की जाएगी. अगर प्रशासन को जानकारी दी गई थी और प्रशासन की लापरवाही से यह घटना हुई है तो कार्रवाई की जाएगी.

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