शनिदेव को सभी ग्रहों में न्याय का देवता माना गया है. ज्योतिष शास्त्र में शनि को एक क्रूर ग्रह कहा गया है. लेकिन शनि हमेशा ही अशुभ फल प्रदान करते हैं ऐसा नहीं है. शनि देव शुभ फल भी प्रदान करते हैं. शनिदेव को परिश्रम करना पसंद हैं. इसीलिए शनि प्रधान व्यक्ति कठोर परिश्रम करने वाले होते हैं. ऐसे लोगों को दिखावटी जीवन शैली कम पसंद आती है. ऐसे लोग सत्य को सत्य और असत्य को असत्य कहने में गुरेज नहीं करते हैं इसीलिए कभी कभी ऐसे लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ता है. शनि प्रधान व्यक्ति नियमों का पालन करने वाले होते हैं. इनमें न्याय करने की भी क्षमता पाई जाती है. ऐसे लोगों की कभी कभी अपने पिता से नहीं बनती है. शनिवार को पूजा करने से शनिदेव जीवन में शुभ फल प्रदान करते हैं. शनिवार के दिन अपने नजदीकी शनि मंदिर में जाकर शनिदेव की पूजा करने से शनि की अशुभता दूर होती है. प्रत्येक शनिवार को शनि मंदिर जाने और शनि का दान करने से शनि की अशुभता तेजी से कम होती है. मिथुन राशि और तुला राशि पर इस समय शनि की ढैय्या और धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है. इसलिए शनिदेव को शांत करने के लिए इन 5 राशियों के जातकों को शनिवार के दिन शनि से जुड़ा दान अवश्य करना चाहिए. शनि जब अशुभ होते हैं तो व्यक्ति को हर कार्य में बाधाओं का सामना करना पड़ता है. शनि गंभीर रोग भी दे सकते हैं. शिक्षा, दांपत्य जीवन, करियर, बिजनेस और जॉब में नुकसान पहुंचाने का भी काम करते हैं, जिससे व्यक्ति बुरी तरह से परेशान हो जाता है. कभी कभी शनि व्यक्ति को कर्जदार भी बना देते हैं. इसलिए शनि के अशुभ फलों से बचना चाहिए. शनि को प्रसन्न करने के लिए शनि का दान उत्तम माना गया है. शनि अशुभ फल दें तो व्यक्ति को काला कंबल दान करना चाहिए. काले रंग का छाता भी जरूरत मंद व्यक्तियों को दान करने से शुभ होते हैं. इसके साथ ही निर्धन व्यक्तियों को काले रंग के जूतों का भी दान कर सकते हैं. शनिवार के दिन सरसों का तेल और काली उड़द का दान करना शुभ माना गया है. शनिवार के दिन शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाने और दान करने से शनि बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं.

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