राजनांदगांव। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की दस्तक तथा शहर के एक निजी स्कूल के कुछ कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु जिले में सक्रियता फिर बढ़ा दी गई है। मास्क, सैनिटाइजर और दो गज दूरी संबंधी नियमों के पालन की लगातार अपील की जा रही है। कोरोना वैक्सीनेशन का कार्य भी जिले में तेजी से किया जा रहा है। इस क्रम में अब तक 17,960 लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन से टीकाकृत किया जा चुका है। दूसरे चरण का टीकाकरण जिले में 16 फरवरी से शुरू किया गया है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम तथा इससे बचाव के लिए भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार वैक्सीनेशन का कार्य तेजी से करना है, ताकि अन्य बचे हुए वॉरियर्स को भी जल्द टीका लगाया जा सके। इस गाइड लाइन का पालन करते हुए जिले में अब तक 17,960 वॉरियर्स को कोविशील्ड वैक्सीन का टीका लगाया चुका है, जिनमें 12,800 हेल्थ वर्कर हैं। साथ ही चिन्हांकित किए गए 10,000 फ्रंट लाइन वर्कर्स में 4,600 को अब तक टीका लगाया गया है। फ्रंट लाइन वर्कर्स को टीका लगाने के लिए रोज मैसेज भेजे जा रहे हैं। इस संबंध में जिला टीकाकरण अधिकारी डा. बीएल कुमरे ने बताया, कोरोना टीकाकरण को लेकर लोगों में अब जागरूकता भी आई है। प्रत्येक सेंटर में 80 प्रतिशत से अधिक वैक्सीनेशन हो रहा है। इस दौरान अच्छी बात यह भी है कि अब तक किसी भी वॉरियर्स ने टीका लगाने के बाद प्रतिकूल प्रभाव होने की शिकायत नहीं की है। वहीं जिन्हें 28 दिन पूरा हो गया है, उन्हें दूसरा डोज भी दिया जा रहा है। इन्हें अब एक साल तक वैक्सीन लगाने की जरूरत नहीं रहेगी। इनमें कोरोना संक्रमण से लडऩे की इम्युनिटी बनी रहेगी। डा. कुमरे ने बताया, 16 फरवरी से वैक्सीनेशन का द्वितीय चरण शुरू किया गया है और दूसरे चरण में अब तक 560 लोगों का टीकाकरण किया गया है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथलेश चौधरी ने बताया, महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की दस्तक तथा शहर के एक निजी स्कूल के कुछ कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम तथा इससे बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग की ओर से मास्क पहनने तथा सैनेटाइजर के उपयोग के सही तरीकों का भी लगातार व्यापक प्रचार किया जा रहा है। लोगों को इस बात के लिए भी प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है कि, मास्क पहनने पर नाक व मुंह ढककर ही रखें। बार-बार मास्क नहीं उतारना चाहिए। मॉस्क हटाकर बात नहीं करना चाहिए। पान-गुटखा खाने वाले भी बार-बार मास्क उतारकर बाहर थूकते रहते हैं जो कि बहुत ही गलत है। सार्वजनिक जगह पर थूकना भी खतरनाक है। इसी तरह समय-समय पर हाथों को सावधानी से सैनेटाइज करना चाहिए, ताकि हाथों में संक्रमण का खतरा न रहे।
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