रायपुर। शिक्षा विभाग में हुए करोड़ों के बर्तन खरीदी घोटाले ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया गया है। शिक्षा विभाग पर एक के बाद एक घोटालों के आरोप लग रहे है। पूरे जिले में कोरोना काल में क्रिस्टल इंडिया इंडस्ट्रीज, महासमुंद के माध्यम से सरकारी प्राथमिक और मिडिल स्कूलों के लिए मध्याह्न भोजन में उपयोग में आने वाले बर्तनों की खरीदी कर सप्लाई किया गया और सप्लायर को पेंमेंट भी कर दिया गया, जबकि जो बर्तन जैसे प्रेशर कुकर, भगौना (गंज), स्टील कढ़ाई, जग और स्टील तगाड़ी वह बेहद घटिया क्वालिटी के थे। राजनांदगांव जिले में अब इसका खुलासा हुआ है और जांच कराया गया तो यह पता चला कि मध्याह्न भोजन के लिए जो बर्तन खरीदी और सप्लाई किया गया है वह बेहद घटिया मलिटी के है और इसे क्रिस्टल इंडिया इंडस्ट्रीज, महासमुंद को वापस किया जाकर मानको के अनुसार बर्तन मंगाया जाए, लेकिन 18 फरवरी को उसी बर्तन को वितरण करने के लिए डीईओ राजनांदगांव ने फरमान जारी कर दिया, क्योंकि सूत्र बताते है कि डीईओ इस मामले को और तूल देना नहीं चाहते है, क्योंकि सोमवार 22 फरवरी से विधान सभा आरंभ हो रहा है। छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल का कहना है कि यह प्रदेश स्तरीय घोटाला है और वृहद स्तर पर करोड़ों का घोटाला हुआ है, जिसमें जिले के सभी जिला शिक्षा अधिकारी दोषी है और अब इस मामले में तत्काल उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए और सभी दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया जाना चाहिए इसलिये मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव और संचालक को पत्र लिखा गया है। श्री पॉल ने बताया कि अब इस घोटाले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और इस घटिया मलिटी के बर्तन को तत्काल वितरण करने का फरमान जारी कर दिया गया है, ताकि इस मामले को दबाया जा सके।
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