हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में चल रहे एक मामले में अदालत ने एमबीए के एक छात्र को सोशल मीडिया चैटिंग के आधार पर अंतरिम जमानत दे दी। बता दें कि, इस मामले में एक युवक पर उसकी प्रेमिका ने आत्महत्या के पहले सुसाइड नोट में प्रताडऩा के आरोप लगाए थे। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया था। इस पर छात्र ने हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। आपको बता दें कि, छात्र मोहित त्रिवेदी अधिवक्ता विकास शर्मा के जरिए याचिका दायर की थी। छात्र का एक तलाकशुदा महिला के साथ प्रेम संबंध थे। वकील विकास ने दायर याचिका में बताया कि, जब देश में कोरोना आने के बाद लॉकडाउन हुआ तो अप्रैल की 5 तारीख को वे दोनों अपने-अपने घर चले गए थे, इस दौरान दोनों में कोई मुलाकात नहीं हुई। हालाँकि वे इस बीच सोशल मीडिया पर जुड़े रहे और बातचीत जारी थी। इसके बाद 16 अक्टूबर को महिला ने आत्महत्या कर ली, लेकिन इसके पहले चैटिंग में उसने बताया कि पिता ने उसकी शादी तय कर दी है। उसने लिखा कि, मुझे लड़का पसंद नहीं है और वह बदसूरत भी है, ऐसे में वह उससे शादी नहीं करना चाहती। लेकिन महिला ने अपने सुसाइड नोट में मोहित पर भी प्रताडऩा के आरोप लगा दिए। इस मामले में मोहित के पक्ष से अदालत को बताया गया कि, वह एमबीए का छात्र है। होनहार होने के साथ-साथ वह हर परीक्षा में मेधावी छात्र के रूप में सामने आया है। केवल नाम लिख देने से उसे आरोपी नहीं बनाया जा सकता। सोशल मीडिया पर हुई चैट और कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मोहित को तीन लाख रुपए के निजी बांड पर जमानत दी।

