किसी के साथ कुछ अच्छा होते हुए बुरा हो जाना या कभी कभी हंसता हुआ बच्चा अचानक रोने लगना. ये कुछ ऐसे लक्षण हैं जिन्हें सामान्य भाषा में नजर का प्रभाव बताया जाता है.हर किसी की यही कामना रहती है कि उनके घर को किसी की भी बुरी नजर नहीं लगे और घर में सुख शांति, समृद्धि हमेशा बनी रहे और इसके लिए घर के लोग तरह तरह के उपाय, टोने टोटके करते रहते हैं. घर की सुख-समृद्धि में मुख्य भूमिका रहती हैं घर के मुख्य द्वार की यहीं से ही समृद्धि, सुख, दुख, बुरी नजर, क्लेश घर के अंदर प्रवेश करते हैं. द्वार अगर शुभ लक्षणों वाला होगा तो घर में दरिद्रता का आगमन नहीं होता है, सफलता मिलती है, सकारात्मकता रहती है और वातावरण भी पवित्र बना रहता है. आज हम आपको बताएंगे की कपूर से पता लगाएं आपके घर पर किसी की बुरी नजर है या नहीं. जिस घर में रोजाना कपूर जलाया जाता है, वहां की वायु स्वच्छ रहती है. दूषित वायु घर से बाहर हो जाती है और वातावरण शुद्ध हो जाता है. सुबह-शाम कपूर जलाने से बाहरी नकारात्मक उर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती. यही कारण है कि हवन, पूजा पद्धति में कपूर का उपयोग किया जाता है. जिस घर में नियमित कपूर जलाया जाता है, वहां की वायु स्वच्छ रहती है. दूषित वायु घर से बाहर हो जाती है और वातावरण शुद्ध हो जाता है. सुबह शाम कपूर जलाने से बाहरी नकारात्मक उर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती. यही कारण है कि हवन, पूजा पद्धति में कपूर का उपयोग किया जाता है. कपूर जलाने से बैक्टीरिया, कीटाणु, मच्छर आदि घर में प्रवेश नहीं करते. यदि कपूर जलाने पर उसकी लौ स्थित रहे और उसमें से धुआं बिलकुल न निकलें तो समझें कोई बुरी नजर नहीं है.यदि कपूर जलाने पर उसकी लौ थोड़ी इधर-उधर जाए, लेकिन धुआं न करे नजर का हल्का प्रभाव होता है,यदि जलते कपूर की लौ बिना हवा के बार-बार इधर-उधर हो और उसमें से धुआं भी निकले तो निश्चित रूप से बुरी नजर होती है.कपूर जलाने पर उसमें से तेज धुआं निकले और उसकी लौ भी अस्थिर हो तो समझो कड़ी नजर ने जकड़ रखा है.
