एक बार फिर से कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. इसको देखते हुए देश के कई राज्यों ने दोबारा से सख्त रवैया अपनाया है. कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए कई जगह लॉकडाउन तो कई जगह नाइट कर्फ्यू लगाया गया है. लेकिन कोरोना का सबसे बड़ा खतरा इस वक्त होली पर है. जानकार मानते हैं कि इस बार भी होली का त्योहार सार्वजनिक तरह से न मनाने में ही भलाई है. बढ़ते कोरोना के मामलों ने आने वाले रंगों के त्योहार होली के रंग भी फीके कर दिए हैं. जानकारों का कहना है कि अगर होली के मौके पर लोग इका होते हैं तो यह खतरे बढ़ जाएगा. दिल्ली में 800 से ज््यादा मामले आ रहे हैं. आने वाले दिनों में अगर सावधानी नहीं बरती गई तो यह खतरा और बढ़ सकता है. दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल की डॉक्टर मीनाक्षी जैन का कहना है कि प्रतिदिन केस बढ़ते जा रहे हैं और लोगों के मन से इसका भय खत्म हो गया है. शादी और पार्टियां हो रही हैं. स्कूल खुल गए हैं. इस बार लोग सामुदायिक तौर पर इका न हों वरना कोरोना का नया स्ट्रेन बहुत तेजी से फैलेगा. कल्चरल गैदरिंग और मास गैदरिंग न करना ही समझदारी होगी. जानकार कहते हैं कि सिर्फ परिवार वालों के साथ ही होली मानना समझदारी है. कोरोना का नया स्ट्रेन भी भारत में आया गया है. हालांकि अभी नया स्ट्रेन साउथ इंडिया में है लेकिन यह भी बढ़ रहा है. इस बार होली पर लोग अगर मास्क नहीं पहनेंगे, सैनिटाइजर का इस्तेमाल नहीं करेंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल नहीं रखेंगे तो ये बहुत तेजी से बढ़ेगा. इस के संकेत डॉक्टर्स साफ तौर से दे रहे हैं. पिछले तकरीबन 1 महीने से कोरोना का खतरा दोबारा से बढ़ता दिख रहा है. देश में लगातार कई दिनों से एक दिन में कोरोना के लगभग 40 हजार से ज्यादा मामले आ रहे हैं. मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है. सबसे ज्यादा कोरोना का संक्रमण महाराष्ट्र में फैल रहा है. आंकड़ें भी चिंताजनक हैं. महाराष्ट्र में बीते दिन कोरोना के 24 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए. वहीं छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, केरल और कर्नाटक में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. अगर दिल्ली की बात करें तो एक दिन 800 से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आए हैं.
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