अमलेश्वर (पाटन)। छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति द्वारा होलिका दहन के लिए लोगों से हरे भरे पेड़-पौधों को ना कांटने प्रेरित किया जा रहा है। तथा कंडे की होली जलाने अपील किया जा रहा है। विगत छह साल से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही सेवाभावी संस्था छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति ने इस बार होली में पेड़ों को बचाने गांव गांव में लोगों से अपील कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति के वरिष्ठ सलाहकार ललित कुमार बिजौरा एवम अध्यक्ष डॉ.अश्वनी साहू ने बताया कि हरे भरे पेड़ पौधों को कांटने से हमारे स्वच्छ पर्यावरण को भारी क्षति पहुंचती है । पर्यावरण में जीवन उपयोगी ऑक्सीजन गैस कम होकर कार्बन डाइऑक्साइड , नाइट्रोजन गैस एवम फास्फोरस गैसों की मात्रा बढ़ जाती है । पर्यावरण मित्र समिति कई वर्षों से यह जन जागरण अभियान चलाते आ रही है कि होलिका दहन के लिए हरे भरे पेड़ पौधों की जगह गोबर से बने कंडे का ही उपयोग किया जाना चाहिए । हरे भरे पेड़ पौधे, खराब टायर, प्लास्टिक इत्यादि को जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। इसलिए सिर्फ गोबर से बने कंडे का उपयोग किया जाना चाहिए, तथा होलिका दहन के बाद उसका उपयोग कम्पोस्ट खाद बनाने में भी किया जा सकता है। साथ ही कोरोनो महामारी को दृष्टिगत रखते हुए कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करते हुए घर में सुरक्षित रहकर होली मनाने की अपील की है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति के वरिष्ठ सलाहकार ललित कुमार बिजौरा, अध्यक्ष डॉ.अश्वनी साहू, गीतालाल साहू, संजू साहू, मुकेश साहू, परस साहू, शैलेष साहू, प्रभु यादव , दिव्यांश बिजौरा , छबि विश्वकर्मा, गोपी साहू, धर्मेंद्र, संतोष पटेल, शंकर सिन्हा ,कुणाल साहू ,तृष्टि बिजौरा ने सूखा होली खेलने की अपील की है ताकि पानी की बर्बादी को रोका जा सके एवम पानी का संरक्षण किया जा सके।

