रायपुर। भारतीय स्टेट बैंक के बैरनबाजार रायपुर स्थित प्रशासनिक कार्यालय में छत्तीसगढ़ सरकार के पेंशनरों के लिए केंद्रीकृत पेंशन प्रोसेसिंग प्रकोष्ठ की स्थापना लगभग डेढ़ महीने पहले हो चुकी है ,लेकिन राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण इस प्रकोष्ठ को नहीं भेजकर आज भी भोपाल के स्टेट बैंक को भेजे जा रहे हैं। इससे पेंशन मामलों के निराकरण में विलम्ब हो रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने बताया कि इसका मुख्य कारण यह है कि संचालक कोष लेखा एवं पेंशन इंद्रावती भवन,अटलनगर, नवा रायपुर द्वारा अब तक विभागों को इसकी सूचना नहीं दी गयी है ,जबकि भारतीय स्टेट बैंक के रायपुर प्रशासनिक कार्यालय के सहायक महाप्रबंधक ने उन्हें 4 मार्च 2021 को पत्र लिखकर बैंक में केंद्रीकृत पेंशन प्रोसेसिंग प्रकोष्ठ (सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल ) स्थापित किए जाने की जानकारी दे दी है। अब संचालक कोष एवं लेखा कि यह जिम्मेदारी है कि वे अपने स्तर पर छत्तीसगढ़ शासन के सभी विभाग प्रमुखों और जिला कोषालय अधिकारियों को इस आशय की सूचना भेजकर निर्देशित करें कि वे सभी पेंशन प्रकरण भोपाल न भेजकर एसबीआई के रायपुर स्थित केंद्रीकृत पेंशन प्रोसेसिंग प्रकोष्ठ को भेजें। श्री नामदेव ने कहा कि राज्य निर्माण के लगभग 20 वर्ष बाद इस प्रकोष्ठ की स्थापना रायपुर में की गई है। इसके लिए भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ और छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन द्वारा समय -समय पर संबंधित पक्षों से ज्ञापन और धरना प्रदर्शन आदि के जरिए मांग की जाती रही। अब प्रकोष्ठ तो स्थापित हो गया, लेकिन जब तक शासन के सभी विभाग और कोषालय पेंशन प्रकरण इस प्रकोष्ठ को नहीं भेजेंगे, तब तक इसकी कोई उपयोगिता नहीं रहेगी।

