रायपुर । कूटरचित दस्तावेजों के जरिए बैंक गारंटी और पाठ्य पुस्तक निगम से कागज हासिल करने के मामले में राजधानी के एक प्रिंटर कंपनी के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पाठ्य पुस्तक निगम के जीएम ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट लिखाई है।
बताया गया कि पापुनि ने मेसर्स शारदा ऑफसेट प्रिंटर्स को तीन वर्ष के लिए काली सूची में डाला है। उक्त फर्म ने कूट रचित दस्तावेजों के जरिए कार्यालय से अवैधानिक अप्राधिकृत रूप से बैंक गारंटी हासिल की और बैंक में जमा की। लिखित शिकायत में बताया गया कि एक्सिस बैंक के निगम को भेजे गए पत्र 23 नवम्बर 2020 में बैंक ने बताया कि शारदा ऑफसेट ने बैंक में निगम का बिना डिस्पैच नंबर और बिना दिनांक का पत्र बैंक गारंटी 20 लाख रूपए वापसी के लिए प्रस्तुत किया है। निगम की नस्तियों में जांच-पड़ताल करने पर उक्त पत्र निगम की नस्तियों से जारी नहीं होना पाया गया।
इसके बाद फिर से शारदा ऑफसेट ने 23 जनवरी 2020 को पत्र लिखकर 40 लाख रूपए की बैंक गारंटी संलग्न करने का उल्लेख कर फिर से कागज की मांग की, जिसके विरूद्ध फर्म द्वारा कागज प्रदान किया। बैंक गारंटी की पुष्टि के लिए निगम ने बैंक को पत्र भेजा, तो बैंक द्वारा केवल 20 लाख की बैंक गारंटी पुष्टि की गई।
इस पर निगम ने 28 अप्रैल 2020 को शारदा ऑफसेट को नोटिस जारी किया। फर्म द्वारा कहा गया कि पापुनि के किसी कर्मचारी द्वारा फर्म के लेटर हैड का अनुचित उपयोग कर 23 जनवरी 2020 को पत्र जारी किया गया। इसकी नस्ती निगम कार्यालय में प्रचलित है। फर्म द्वारा स्वीकार किया गया कि लेटर हैड, जो निगम के कर्मचारी के पास किस प्रकार पहुंचा। साथ ही षडय़ंत्रपूर्वक कागज हासिल करने के मामले में शारदा प्रिंटर्स एफआईआर दर्ज कराने का आग्रह किया गया है।
कूटरचित दस्तावेजों से बैंक गारंटी हासिल करने वाले प्रिंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज
Previous Articleकोरोना सेे रोकथाम एवं बचाव: लापरवाह व्यापारियों की दुकानें सील

