रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेन्शनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने प्रदेश में पेंशनरों के लिये अधिकृत नोडल बैंक भारतीय स्टेट बैंक के कार्यप्रणाली में सेंट्रल पेंशन प्रॉसेसिंग सेल मुंबई और भोपाल के बीच तालमेल में कमी और कुछ बैंकों के संविलियन प्रक्रिया से कोड में हुए परिवर्तन को समय मे अमल में लाने में देरी तथा छत्तीसगढ़ रायपुर में पेंशन प्रोसेसिंग सेल नही होने के कारण माह मार्च 21 के मासिक पेंशन का भुगतान अप्रेल 21 में आज दिनाँक तक पेंशनरों के खातें में जमा नही हुआ है। राज्य के पेंशनरों को हो रही इस आर्थिक परेशानियों को लेकर रिजर्व बैंक आफ इंडिया को ट्यूट कर इस लापरवाही पर जवाबदेही तय करने और कार्यवाही करने की मांग की हैं।

जारी विज्ञप्ति में फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने आगे बताया गया हैं कि इसी काम मे लगे एक बैंक अधिकारी के अनुसार देश मे कुछ बैंको के आपस में संविलियन की प्रक्रिया से नए कोड के निर्धारण होने के कारण मुम्बई और भोपाल के बीच तालमेल में कमी होने से मार्च 2021 का मासिक पेंशन खाते में जमा होने में विलम्ब हुआ है और उसके बाद कोरोना लॉक डाउन में बैंक का बन्द रहना भी देरी का कारण है। हर हालत में 30 अप्रेल के पहले पेंशन खाते में जमा हो जाएगा। बैंक अधिकारी के अनुसार संविलियन से सम्बंधित सम्पूर्ण कार्यवाही स्टेट बैंक मुख्यालय मुम्बई स्थित सेंट्रल पेन्शन प्रोसेसिंग सेंटर से होता है जिसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी गोविंदपुरा भोपाल में स्थापित सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल स्टेट बैंक से संधारित होती हैं। भोपाल से जारी दिशा निर्देश के अनुरूप आगे की कार्यवाही छत्तीसगढ़ के बैंकों में संचालित होती है। मुम्बई और भोपाल के बीच की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ उलझा हुआ है। पेंशनर्रो की इस समस्या के निदान के लिये छत्तीसगढ़ में भी सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल की पूर्णकालिक शाखा की स्थापना होना जरूरी है, अन्यथा यह परेशानी हमेशा बनी रहेगी। ज्ञात हो कि 4 मार्च 21 को स्टेट बैंक बैरन बाजार जोनल आफिस रायपुर ने संचालक कोष लेखा एवं पेंशन,इंद्रावती भवन नया रायपुर को पत्र लिखकर अवगत कराया है उनकी रायपुर कार्यालय में पेशन प्रोसेसिंग सेल के कार्य हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किये गए गये है परन्तु अब तक इस पर कोई काम काज अब तक प्रारम्भ नहीं हुआ है,यह भी पता चला है, यह सेल यहां भोपाल पेंशन प्रोसेसिंग सेल निर्देश पर केवल समन्वय कर ग्रीवेंसेस को लेकर काम करेगी। यानी वही ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ होगी। समस्या जस के तस बनी रहनेवाली है क्योंकि सारा निर्णय भोपाल से ही होना है।
जारी विज्ञप्ति में पेन्शनर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव एवं फेडरेशन से जुड़े पेन्शनर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष यसवंत देवान, भारतीय राज्य पेशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा एवं छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेन्शनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल की स्थापना में गत 20 वर्षो से रुचि नही लेने के कारण बार बार किसी न किसी कारण से यह स्थिति निर्मित होती रहती है। मगर सरकार को पेंशनर्रो की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है। इस कोरोना काल में भी मासिक पेंशन का भुगतान नही होने पर पेंशनरों को गम्भीर आर्थिक संकट होने पर चिंता जाहिर कर छत्तीसगढ़ सरकार से इसे संज्ञान में लेने का अनुरोध किया है।