रायपुर। किसानों के घरों में त्राहि-त्राहि मचा हुआ है। लेकिन केंद्र में बैठी मोदी सरकार ऐन वक्त पर किसानों के उपयोग किए जाने वाले खाद की कीमत बढ़ाकर यह साबित कर दिया है कि केंद्र की मोदी सरकार किसान विरोधी सरकार है। वही छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार 22 लाख किसानों को इस दुखद विपत्ति के समय में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 15 सौ करोड़ रूपए की राशि का भुगतान कर यह साबित कर दिया है भूपेश सरकार जो कहती है वह करती है। इसके लिए भूपेश बघेल की सरकार बधाई के पात्र हैं। उपाध्यक्ष आईटी सेल कसडोल विधानसभा जिला बलौदाबाजार युवा कांग्रेस नेता हेमंत वर्मा ने बताया कि इसके अलावा भूपेश बघेल की छत्तीसगढ़ सरकार ने कोदो कुटकी गन्ना दलहन मक्का सोयाबीन का उत्पादन करने वाले और पौधारोपण करने वाले किसानों को भी ?10 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी की घोषणा कर किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। जो कि किसानों के लिए इस विपदा के अवसर पर वरदान साबित हो रहा है। हेमंत वर्मा ने आगे कहा कि वर्ष 2017 _ 2018 में प्रदेश में जहां 12 लाख किसानों ने धान की खेती की थी, वही अच्छी कीमत मिलने एवं प्रति क्विंटल 2500 रुपए की दर से धान खरीदी की वजह से 2020-21 में धान उत्पादक किसानों की संख्या 21. 52 लाख हो गई । उपाध्यक्ष आईटी सेल कसडोल विधानसभा जिला बलौदाबाजार युवा कांग्रेस नेता हेमंत वर्मा ने केंद्र की मोदी सरकार की भत्सना करते हुए कहा कि एक तरफ छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हित में 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर किसानों के हित में निर्णय ले रही हैं। वही मोदी सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक कीमत दिए जाने का आधार बनाते हुए केंद्र सरकार ने प्रदेश से केंद्रीय पूल में खरीद की मात्रा 40 लाख टन से घटाकर 24 लाख टन कर यह साबित कर दिया है कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ सरकार एवं छत्तीसगढ़ की किसानों की घोर विरोधी सरकार है। जिसका हम घोर निन्दा करते हैं और पूरे छत्तीसगढ की किसानों की ओर से भूपेश बघेल का आभार प्रकट करते हैं।
