सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन सीबीआई के भोपाल में मारे गए छापे में बड़ा खुलासा किया गया है। सीबीआई ने जब भारतीय खाद्य निगम के बाबू किशोर मीणा के घर छापा मारा तो सीबीआई का दिमाग सन्न रह गया और ढेर सारा सोना-चांदी और कैश देखकर चौंक गई। क्लर्क के घर से करोड़ों रुपए नगदी, नोट गिनने की मशीन, सोने-चांदी के जेवर और करोड़ो की संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए। सीबीआई को उसके पास से एक डायरी भी बरामद हुई है, जिसमें कई बड़े अफसरों के नाम भी शामिल हैं। सीबीआई के अधिकारी ने बताया कि इन अफसरों की मदद से एफसीआई में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार कर करोड़ों के वारे-न्यारे किए जा रहे थे। सीबीआई ने बताया कि किशोर मीणा एफसीआई के कार्यालय में सिक्योरिटी गार्ड हुआ करता था। हैरानी की बात तो यह है कि अफसरों की मेहरबानी से यह किशोर मीणा क्लर्क बना और फिर कई बड़े अफसरों के साथ भ्रष्टाचार का महागठबंधन कर करोड़पति बन गया। इसका खुलासा तब हुआ जब दिल्ली स्थित सिक्योरिटी कंपनी ने सीबीआई को शिकायत की थी, कि भोपाल स्थित एफसीआई दफ्तर में पदस्थ अधिकारी उनसे सिक्योरिटी सर्विस का बिल पास करने के लिए 10 प्रतिशत रिश्वत मांग रहे हैं। इस शिकायत पर सीबीआई की टीम ने जाल बिछाकर सिक्योरिटी कंपनी के अधिकारी रिश्वत देने के लिए एक लाख रुपए लेकर एफसीआई के सिक्योरिटी मैनेजर और अकाउंट मैनेजर के पास पहुंचे तो उन्होंने रिश्वत की राशि जैसे ही अधिकारियों को दी वैसे ही सीबीआई की टीम ने दोनों मैनेजर को दबोच लिया। सीबीआई की पूछताछ में मैनेजरों ने डिवीजन मैनेजर के नाम का खुलासा किया। एफसीआई क्लर्क किशोर मीणा के घर टीम ने छापामार कार्रवाई की तो कार्रवाई में एक फर्नीचर के कवर्ड में रखी तिजोरी मिली। तिजोरी में 2.66 करोड़ रुपए नगद बरामद हुए और साथ ही, आरोपी के घर से 6 किलो चांदी, 387 ग्राम सोना बरामद, नोट गिनने की मशीन, करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज, लेन-देन के दस्तावेज और कई बेनामी संपत्तियों का कागजात भी मिले है। इतना ही नहीं किशोर के द्वारा संचालित बैंक अकाउंट में भी एक करोड़ से ज्यादा की राशि होना बताई जा रही है। इस राशि के लिए बैंक अकाउंट भी सीबीआई की टीम खंगाल रही है।

