कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से कई राजनीतिक पत्रकारों नेताओं को अनफॉलो कर दिया है. मंगलवार को राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से छंटनी की इसके बाद वो लगातार ट्विटर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. राहुल गांधी ने वायनाड के सांसद दफ्तर में काम करने वाले कई लोगों को दिल्ली में कार्यरत कई पत्रकारों को भी अपनी फॉलोइंग लिस्ट से बाहर कर दिया है. राहुल गांधी द्वारा अपने ट्विटर अकाउंट पर लिए गए इस एक्शन की सुर्खियां सोशल मीडिया में छायीं हैं इनकी राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा जोरों पर हैं. जब इस बात की चर्चा जोरों पर आई तो कांग्रेस पार्टी के सूत्रों की ओर से ये जानकारी साझा की गई कि राहुल गांधी के ट्विटर अकाउंट को रिफ्रेश करने के लिए ये सब किया गया है. जल्दी ही कुछ विशेष लोगों की लिस्ट तैयार की जाएगी जिन्हें राहुल गांधी ट्विटर पर फॉलो करेंगे. आपको बता दें कि इस लिस्ट में वो लोग भी हो सकते हैं जिन्हें अभी अनफॉलो किया गया है. अचानक मंगलवार को जब राहुल गांधी ने कई लोगों को अनफॉलो करना शुरू कर दिया तो ये चर्चा का विषय बन गया. राहुल गांधी के इस कदम ने अचानक से सियासी गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है. लोग इसे राहुल गांधी की भविष्य की रणनीति की तैयारी के तौर पर भी देख रहे हैं. आपको बता दें कि पिछले कुछ समय से राहुल गांधी ट्विटर पर काफी अक्रामक दिखाई दे रहे हैं. कोरोना महामारी को लेकर वो सरकार पर लगातार ट्विटर पर ही हमले बोल रहे थे. कांग्रेस की ओर से भले ही कुछ सफाई दी जा रही हो लेकिन कुछ तो बात जरूर है कि अचानक से कई लोगों को इस तरह से अनफॉलो करने के पीछे. राहुल गांधी के विरोधियों ने लगातार उनपर ज्यादा एक्टिव होने को लेकर निशाना साधा है, तो वहीं उनके समर्थकों ने उनका लागातार साथ भी दिया है. कुछ दिनों पहले राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर कोरोना को लेकर वार किया था जिसमें उन्होंने ने कोविड को मोविड कहा था तब उनका ट्विटर अकाउंट विवादों में आ गया था. बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के इस तरह के ट्वीट्स पर कड़ी आपत्ति जताई थी उनसे दोबारा ऐसी भाषा का प्रयोग करने के लिए मना भी किया था.
