नई दिल्ली। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून मध्य बंगाल की खाड़ी और बंगाल की खाड़ी के पूर्वोत्तर हिस्सों तक पहुंच चुका है। अनुमान है कि अगले 15 जून तक दक्षिण पश्चिम मानसून ओडिसा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच जाएगा। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इसके चलते इस हफ्ते दिल्ली में गर्मी से निजात मिल सकती है। दिल्ली में सोमवार को आसमान पर बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बूंदाबादी के आसार भी हैं। मंगलवार से दिन के समय तेज हवाएं चलने की उम्मीद जताई जा रही है। शुक्रवार को चिलचिलाती धूप होने का अनुमान है। इस हफ्ते न्यूनतम तापमान 25 से 28 डिग्री के बीच रह सकता है। दक्षिण पश्चिम मानसून के कारण राज्य के कुछ तटीय इलाकों में बारिश लगातार जारी है। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार 15 जून तक दक्षिण पश्चिम मानसून ओडिशा, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों और बिहार में पहुंचने की संभावना है। केरल के बाद महाराष्ट्र में मानसून ने दस्तक दे दी है। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अधिकांश हिस्सों में यह आगे बढ़ गया है। अगले 48 घंटों में ये उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ 8 से 10 जून के दौरान तेज हवाएं (25-35 किमी प्रति घंटे) चलने की संभावना है। वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की मानें राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने के अलावा बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि आठ जून को अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की आशंका है। असम और मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आठ और नौ जून को सात जून को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अनुमान है। आठ और नौ जून को ओडिशा के ऊपर, 10 जून को गांगेय पश्चिम बंगाल में, असम और मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 10 जून को भारी से बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है। उत्तरी महाराष्ट्र तट से उत्तरी केरल तट तक समुद्र के औसत स्तर पर अपतटीय ट्रफ के प्रभाव और कोंकण और गोवा के निचले क्षोभमंडल के स्तर पर एक चक्रवाती प्रसार के प्रभाव के तहत, गरज-चमक के साथ आंधी चलेगी और व्यापक रूप से भारी वर्षा की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को अलर्ट किया है। दरअसल, इन दिनों खरीफ फसल की बुआई चल रही है। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि बारिश किसानों के लिए अच्छी है। हालांकि, ज्यादा बारिश से किसानों को नुकसान हो सकता है। वहीं, कुल्लू जिले के आनी क्षेत्र में दोपहर बाद भारी ओलावृष्टि हुई। आनी की टकरासी और मुहान पंचायत में ओलों से सेब और मटर की फसल को भारी नुकसान हुआ है। लगभग आधे घंटे तक लगातार ओलावृष्टि से जहां सेब के पौधों की टहनियां टूट गईं, वहीं मटर की फसल भी बरबाद हो गई। इससे किसानों और बागवानों को भारी नुकसान हुआ है।

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