आने वाले 17 जून को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासन काल के ढाई साल पूरे हो रहे है और इसके साथ ही ढाई साल के फार्मूले को हवा दी जा रही है। कहा जा रहा है कि भूपेश बघेल का हटना तय है और आगामी जुलाई माह के पहले सप्ताह में छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परिर्वतन तय है, जिसके तहत नये मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। जबकि सरकार के मंत्रियों द्वारा यहां तक कहा जा चुका है कि अभी ऐसा कुछ भी नहीं है। छत्तीसगढ़ राज्य में छत्तीसगढिय़ा शेर का बरकरार रहेगा या नहीं इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। इसमें से अधिकांश लोगों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में भूपेश के नेतृत्व में ही सरकार अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा करेगी। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बढिय़ा काम कर रही है। रही बात कांग्रेस पार्टी की, तो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है, इसके बाद भी ढाई साल के फार्मूले को हवा देना समझ से परे है। जबकि कुछ दिन पहले नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मंत्री टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने इसे माहौल खराब करने के लिए की जा रही बदमाशी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बदमाशी है। वे माहौल खराब करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। इधर छत्तीसगढ़ सरकार के प्रवक्ता रविंद्र चौबे ने कहा कि सरकार का कामकाज पूरी तरह बेहतर चल रहा है। जिन वादों के साथ सरकार बनी है, उसे पूरा किया जा रहा है। विपक्षी दलों की तरफ से भ्रम फैलाने के लिए ढाई-ढाई साल की बात कही जा रही है, जो पूरी तरह निराधार है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति 17 जून के बाद पंजाब जैसी होगी। पंजाब में महाराजा तो छत्तीसगढ़ में भी महाराजा। पार्टी नेता कितना भी बचाव कर लें, लेकिन समय पूरा होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और बदलाव हो कर रहेगा। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर ढाई-ढाई साल के फार्मूले की हवा बहने लगी है। हवा तूफान में बदलती है या फिर शांत हो जाती है, यह तो आने वाला समय बताएगा, लेकिन कांग्रेस के भीतर की बयानबाजी से राजनीति गर्म हो चली है। कुछ लोग दिल्ली में अपने-अपने स्तर पर लॉबिंग की भी बात कर रहे हैं। भूपेश बघेल की सरकार को 17 जून को ढाई साल हो जाएगा। सुनने में आ रहा हैं कि 2018 में राज्य में कांग्रेस की सरकार के गठन के वक्त पार्टी हाईकमान के सामने भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव में सत्ता के बंटवारे पर कोई बात हुई थी। याने पहले ढाई साल भूपेश बघेल मुख्यमंत्री रहेंगे और उसके बाद का कार्यकाल टीएस सिंहदेव को मिलेगा। पर तब इस फार्मूले की कोई घोषणा नहीं हुई, हालांकि चर्चा में फार्मूला उभरता रहा है। कांग्रेस के छत्तीसगढ़ के प्रभारी महासचिव पीएल पुनिया ऐसे किसी फार्मूले से इंकार कर हवा के रुख को बदलने की कोशिश जरूर कर रहे हैं ताकि यहां कोई भी बवाल न मचे और सब कुछ शांति से चलता रहे पर अब ऐसा होने से रहा, शांति का समय खत्म हो रहा है, वहीं राज्य के वरिष्ठ मंत्री रविंद्र चौबे ने भूपेश सरकार के पांच साल बने रहने की बात की है।
