
आजकल के भागदौड़ वाली जिदंगी में हर कोई बेहतर भविष्य की कामना करता है। इसी कामना को लेकर व्यक्ति अपना लक्ष्य तय कर उसको पाने के लिए जुट जाता है, इसमें किसी को सफलता मिलती है तो किसी को असफलता। किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए हर किसी को गुरु की आवश्यकता होती है, जो उन्हे सही गलत का मार्गदर्शन करते हुए उसे उसके मंजिल तक पहुंचा सके। हम यह सकते है कि बेहतर भविष्य निर्माण के लिए गुरु के विशेष योगदान की आवश्यकता होती है। गुरु कृपा से ही बड़े से बड़े काम आसानी से हो जाते हैं। इसलिए जिन शिष्यों पर गुरु कृपा बरसती रहती है वो दिन दुगुनी रात चौगनी तरक्की करता है। इसी प्रकार मां भगवती के उपासक एवं त्रिकालदर्शी चाउर वाले बाबा श्रीश्री नरेन्द्र नयन शास्त्री जी भी अपने शिष्यों के बेहतर भविष्य निर्माण के लिए अपना विशेष योगदान प्रदान करते आ रहे हैं। वे समय-समय पर अपने शिष्यों का मार्गदर्शन कर उन्हे सही पथ दिखाते हैं। उनका अपने शिष्यों को अंधकार रुपी अज्ञान से ज्ञान रुपी प्रकाश की ओर ले जाने का सिलसिला गतिमान है। वे अपने शिष्यों के हर प्रकार के दुखों मुसीबतों को दूर करते हुए और समस्याओं का समाधान करते हुए उनके जीवन के प्रति समस्त शंकाओं को दूर करते है। गुरु के मन में सदैव ही यह विचार होता है कि उसका शिष्य सर्वश्रेष्ठ हो और उसके गुणों की सर्वसमाज में पूजा हो।