रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ में शुरू हुई महतारी दुलार योजना ने कोरोना का दंश झेल रहे ऐसे कई परिवारों को राहत दी है, जिनमें कोविड-19 से अभिभावकों की मृत्यु हो गई है। इन परिवारों में बच्चों की आगे की पढ़ाई और उनके भविष्य की चिंता दूर हो गई है। ऐसे परिवार में सूरजपुर जिले की श्रीमती शबनम और कुमारी मुस्कान का परिवार भी शामिल है। श्रीमती शबनम के पति श्री मुकीम खान की कोविड-19 के संक्रमण से मृत्यु हो गई है। जिला प्रशासन की मदद से उनके तीनों बच्चों को महतारी दुलार योजना का लाभ मिला है। इसी तरह सूरजपुर जिले के रामपुर निवासी शासकीय उच्चतर माध्यमिक वि़़द्यालय विश्रामपुर की 11वीं कक्षा की छात्रा कुमारी मुस्कान प्रजापति के पिता का निधन भी विगत 29 मई को कोरोना संक्रमण के कारण हो गया थी। उन्हे भी महतारी दुलार योजना का लाभ दिया गया है, जिससे उनके आगे की पढ़ाई पूरी हो सकेगी। सूरजपुर जिले के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम में श्रीमती शबनम ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि महतारी दुलार योजना ने उनके बच्चों की पढ़ाई की चिंता दूर कर दी है। पति की मृत्यु के बाद वह बच्चों की पढ़ाई के लिए बहुत चिंतित थी लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की नि:शुल्क पढ़ाई की योजना ने उन्हें चिंता मुक्त कर दिया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की मदद से उन्हें श्रम विभाग की बीमा योजना के तहत एक लाख रूपए की राशि भी प्रदान की गई है, जिससे उन्हें बहुत सहायता मिली है। इसी तरह कुमारी मुस्कान ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद वह आगे की पढ़ाई को लेकर चिंता में थी। इसी बीच शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर महतारी दुलार योजना से उनकी फीस देने के बारे में बताया और यह भी बताया कि उन्हें हर माह एक हजार रूपए छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। इससे वे आसानी से आगे की पढ़ाई कर सकेंगी। इसके लिए कुमारी मुस्कान ने छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री श्री बघेल का आभार व्यक्त किया।
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