
रायपुर। बेमेतरा जिला पंचायत के सभापति राहुल टिकरिहा ने बेमेतरा जिलाधीश पर निशाना साधते हुए कहा है कि नवनियुक्त जिलाधीश के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिला पंचायत कार्यालय में आयोजन होने के बावजूद जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम मंच व शिलालेख से गायब रहा, लेकिन कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ द्वारा इसकी जानकारी व आमंत्रण न तो जिला पंचायत अध्यक्ष को दिया गया और न ही जिला पंचायत सदस्यों को। यहां आमंत्रण नहीं दिया गया तो शिलालेख में नाम तो दूर की बात है। स्थानीय जन प्रतिनिधियों को आमंत्रित न करना व शिलालेख में जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम नही लिखा जाना, जिला प्रशासन की मनमानी को दिखाता है। सबसे दु:ख की बात तो यह है कि नवनियुक्त कलेक्टर श्री भोसकर विलास संदीपान अपने कक्ष में निर्वाचित जनप्रतिनिधि से मुलाकात के दौरान सामान्य शिष्टाचार का पालन भी नहीं करते, ऐसे में जिला प्रशासन से प्रोटोकॉल के पालन की उम्मीद बेमानी है। जब कलेक्टर निर्वाचित जन प्रतिनिधियों का सम्मान नहीं कर पर रहे है तो आम जनता का क्या सम्मान करेंगे। जिस प्रकार से कलेक्टर का व्यवहार है उससे अब यह प्रतीत होता है कि आम जनता अब और समस्याओं की भेंट चढ़ जाएगा। नवनियुक्त जिलाधीश को अब यह तय करना है कि निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना है या सत्तापक्ष के दबाव में परम्परा के विपरीत काम करना है। आपको बता दें जिला पंचायत का सभागार जिला का सबसे बड़ा सुसज्जित सभागार है। जो टेबल, कुर्सी, माइक, प्रोजेक्टर सभी से सुसज्जित है। किन्तु जिला प्रशासन की मनमानी के चलते इसे पुर्णत: क्षति कर यहां कार्यक्रम संपादित किया गया। सभी टेबल, माइक, व कुर्सियों को अलग कर बाहर निकाल दिया गया। राहुल ने कहा कि नव नियुक्त जिलाधीश से ऐसी उम्मीद जायज है, क्योंकि उनके कार्यालय में निर्वाचित जन प्रतिनिधियों से भी सामान्य शिष्टाचार का पालन नहीं होता। और उनके नेतृत्व में हुए प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन उनकी असंवेदनशीलता का प्रतीक है।