कोरोना दवाई के नाम पर जहर दे दिये जाने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मामला तमिलनाडु के इरोड जिले है। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, किसी नकली स्वास्थ्यकर्मी ने ये जहर की गोलियां दी थी, जिस वजह से तीनों लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ये मामला उधार के पैसों का है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इरोड के ही रहने वाले 43 वर्षीय कल्याणसुंदरम ने 72 साल के करुप्पनकाउंडर को कुछ महीने पहले 15 लाख रुपए उधार दिए थे। कल्याणसुंदरम अब अपने पैसे वापस मांग रहा था, लेकिन करुप्पनकाउंडर पैसे लौटाने में असमर्थ था। कई दिनों तक पैसे नहीं मिलने की वजह से कल्याणसुंदरम ने करुप्पनकाउंडर और उसके परिवार खत्म करने की साजिश रच डाली। इस साजिश को अंजाम देने के लिए कल्याणसुंदरम ने सबरी नाम के शख्स की मदद मांगी। सबरी स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बनकर करुप्पनकाउंडर के घर पहुंचा। यहां 26 जून को सबरी ने करुप्पनकाउंडर से कहा कि परिवार में किसी को खांसी, जुकाम तो नहीं है और ये कहकर जहर वाली गोलियां करुप्पनकाउंडर को दे दी। सबरी ने कहा कि ये इम्यूनिटी बूस्ट करने की दवा है। करुप्पनकाउंडर और उनकी पत्नी मल्लिका, बेटी दीपा और घरेलू सहायिका कुप्पल ने वो गोलियां खा ली, जिसके बाद तीन की मौत हो गई। पुलिस ने सबरी और कल्याणसुंदरम को गिरफ्तार कर लिया है।
