कोण्डागांव। विकासखण्ड फरसगांव के ग्राम गहीरबहार के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान अध्यापक धनीराम बघेल कोरोना काल में भी बच्चों के अध्यापन कार्य में संलग्न रहा करते थे। वे ‘पढ़ई तुंहर दुआर‘ एवं ‘मोहल्ला क्लास‘ जैसी योजनाओं के द्वारा बच्चों में इस संकट की घड़ी में भी शिक्षा की अलख जगाये रखने का प्रयास करते रहे। इस दौरान वे कोरोना महामारी से ग्रसित हो गये थे। जिसके बाद उनके परिवार में भी अधिकतर सदस्य कोरोना की चपेट में आ गये। धनीराम बघेल के कोरोना के साथ अन्य बीमारियों से ग्रसित होने के कारण उनकी स्थिति बिगड़ती गई जिससे 10 मई 2021 को उनका निधन हो गया था। स्व0 धनीराम संयुक्त परिवार के इकलौते पालन करने वाले थे। उनके घर में पत्नि, दो अविवाहित बेटियां एवं एक बेटे के अलावा उनके बड़े भाई एवं उनका परिवार भी रहा करता था। उन्होंने दो बेटियों का विवाह पूर्व में ही सम्पन्न करा दिया था। स्व0 धनीराम बघेल के जाने के बाद घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। उनके बेटे कौशल बघेल जिन्होंने विगत वर्ष ही एम.काॅम की परीक्षा उत्तीर्ण कर बैंकिंग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। पिता के गुजरने के पश्चात् पूरे घर की जिम्मेदारियां कौशल के कंधों पर आ गई थी। उन्हें बहनों की शादी एवं घर की जिम्मेदारियों को पूर्ण करने के लिए आर्थिक सहयोग की आवश्यकता थी। कहीं से भी मद्द मिल पाना संभव नहीं लग रहा था। वे दिन-रात परिवारिक जिम्मेदारियां किस प्रकार पूर्ण होंगी इसी चिन्ता में लगे रहते थे। इस दौरान उन्होंने पिता के निधन के पश्चात् अनुकम्पा नियुक्ति हेतु आवेदन किया। जिस पर लोगों ने उन्हें कहा कि ऐसी नियुक्तियां प्राप्त होने में वर्षों लग जाते हैं। यह जानकर कौशल की चिंताएं और बढ़ गई थी। परन्तु कोरोना महामारी की विषम परिस्थितियों में राज्य शासन की नीतियां रौशनी लेकर उनकी जिंदगी में आयी। राज्य शासन 22 मई 2021 को तृतीय श्रेणी वर्ग के सीधी भर्ती के पदों में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए 10 प्रतिशत पदों के सीमा बंधन को खत्म कर अनुकम्पा नियुक्ति की पात्रता रखने वाले परिजनों को नियुक्ति देने का आदेश जारी किया। इससे कौशल के मन में खुशी की लहर दौड़ गई। इस संबंध में कौशल बताते हैं कि पिता के निधन से उन्हें गहरा सदमा लगा था, परन्तु यह पिता का ही यह आशीर्वाद था कि उनके जाने के एक माह बाद ही उन्हें शासन द्वारा 10 जून 2021 को शासकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय मर्दापाल में सहायक ग्रेड-03 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति शासन द्वारा प्राप्त हो सकी। उन्हें भरोसा ही नहीं हो रहा था कि उन्हें इतनी जल्द अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त हो सकी। उन्होंने राज्य शासन को विकट परिस्थितियों में संवेदनशीलता दिखाते हुए उम्मीद की नई किरण दिखाई जिसके लिए उन्होंने शासन को दिल से धन्यवाद करते हुए अनुकम्पा नियुक्ति पर शासन के निर्णय को ऐतिहासिक बताया। आगे उन्होंने कहा कि अब उन्हें बहनों के विवाह एवं घर की जिम्मेदारियों की चिन्ता से मुक्ति मिल गई है। पिता की कमी एवं अधूरापन उनकी जिंदगी में हमेशा रहेगा, परन्तु पिता के अच्छे कर्मों का ही यह फल था जो उन्हें दुखों में भी सुख की ठण्डी छांव प्राप्त हुई है। ज्ञात हो कि शिक्षा विभाग द्वारा जिले में 34 कर्मचारियों के आकस्मिक मृत्यु पर उनके परिजनों को जिले में अनुकम्पा नियुक्तियां प्राप्त हुई है।

