रायगढ़ । जिला मुख्यालय से महज 18 किलोमीटर पर दूर स्थित पंचायत भूपदेवपुर में भ्रष्टाचार चरम पर है। मिली जानकारी के अनुसार यह गांव पंचायत सचिव का स्थाई निवास भी है। जो विगत 25 वर्षों से पंचायत सचिव पद पर है। जिनके भ्रष्टाचार पर प्रदेश सरकार को लगातार चूना लगाया जा रहा है। ग्रामीणों ने बतलाया कि आधे अधूरे स्टॉप डेम के नाम पर लाखों की धनराशि आहरित कर सरकार को चूना लगाया गया है। मनमाने तरीके से स्टॉप डेम का निर्माण कर महज खानापूर्ति की गई है। न ही स्टॉप डेम की गहराई, चौड़ाई, लम्बाई को ध्यान में रखा गया है और न ही सिंचित भूमि का कोई प्लान तैयार किया गया। ग्रामवासी तालाब के रूप में रुके गंदे पानी में ही स्नानादि करते हैं। स्टॉप डेम में बारिश के पानी को रोकने की समुचित व्यवस्था भी नहीं की गई है। विगत 2 साल से खनन हुए बोर में आज तलक पम्प नही डाला गया। ऐसे में भूपदेवपुर के ग्रामीणों ने काफी नाराजगी प्रकट करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत का सचिव माधव डनसेना ने पेयजल के मद्देनजर लगभग 2 वर्ष पहले ग्रामीणों की मांग पर बोर खनन करवाया गया था, परन्तु 2 वर्ष बीत जाने पर भी पम्प नहीं लगाया गया है, और पम्प का उपयोग सचिव अपने खेतों की सिंचाई के लिए कर रहा है। गांव में एक अन्य बोर है, जिसके जल जाने की वजह से ग्रामीणों को काफी हलाकान होना पड़ता है। काफी दबाव के एक सप्ताह बाद बोर की मरम्मत करवाई गई।
