राजनांदगांव। राजा का ही बेटा राजा बन सकता है, अब ऐसा बिल्कुल नहीं है। एक गरीब परिवार से होने के बावजूद मेहनत करके सहायक प्राध्यापक जैसे राजा नौकरी में जाया जा सकता है और इस बात को सच कर दिखाया है अजय कुमार ने। अजय का जीवन सदैव संघर्षपूर्ण रहा है, विपरीत परिस्थितियों में में कभी हार नही मानी और अपने नाम के अनुरूप ही अजय रहे।
अजय कुमार सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) बताते हैं कि डॉ. आनंद शर्मा उनके ऐसे गुरु हैं, जिनसे उन्हें काफी प्रेरणा मिली है। अजय, रायगढ़ जिले के अचानकपाली गांव के गरीब परिवर से हैं। पिता तीसरी कक्षा पास हैं तथा माता निरक्षर हैं। गरीबी के कारण आर्थिक तंगी से जुझकर उन्होंने पार्ट टाइम जॉब करते हुए अपनी शिक्षा पूरी की। पढ़ाई के दौरान वे रायगढ़ के एमएसपी कपड़ा दुकान, फेविकोल शॉप तथा होटल आदि स्थानों पर मजदूरी की और अंततः 2019 में अतिथि व्याख्याता के रूप में सेवा प्रदान करने के दौरान हुए उनका चयन छत्तीसगढ़ सहायक प्रधानाध्यापक वाणिज्य के रूप में हुआ। उन्होंने बताया, वैकेंसी आने से पहले गुरु आनंद शर्मा के मार्गदर्शन में नेट क्लियर करना, संदर्भित 184 पोस्ट में 1 पोस्ट लेने का संकल्प, पूर्ण जानकारी एवं पाठ्य सामग्री संकलन, पूर्व परीक्षा के प्रश्नों का अवलोकन, निश्चित समय में पाठ्यक्रम पूर्ण करना, समय का सदुपयोग, पाठ्यक्रम का अधिक से अधिक रिवीसन, पूर्ण विश्वास एवं संकल्प से लिखित परीक्षा एवं मौखिक परीक्षा देना, आत्मसंयम एवं धर्य बनाये रखना तथा आत्मविश्वास बनाए रखना उनके संघर्ष का प्रमुख है।
अजय ने बताया, उनके सफलता का सबसे बड़ा श्रेय की टू सक्सेस रायपुर (छत्तीसगढ़) को जाता है, जहां से अध्यन कर नेट, सेट तथा सीजी पीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा क्लियर किया। इस संस्थान के विशेषज्ञों से मुझे अपार सहयोग मिला, जिससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करते हुए मैं सफलता की ओर अग्रसर हुआ। इस संस्थान की प्रेरणा एवं प्रोत्साहन से ही मैं अपने लक्ष्य तक पहुंच पाया। इसके लिए मैं की टू सक्सेस को हृदय से आभार व्यक्त करते हुये धन्यवाद देता हूं।
अजय कहते हैं, सर्वप्रथम मेरे जन्मदाता माता-पिता ही मेरे गुरु हैं, जिनके कर्मशील, सत्य विश्वास, ईमानदारी व संकल्पता का संस्कार मुझे प्राप्त हुआ। इसके बाद गुरुओं का योगदान कहूं तो प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्राथमिक स्कूल से लेकर स्नातकोत्तर तक के गुरुओं का रहा हैं। इसी बीच मेरे अंतरमन को प्रभावित करने वाले गुरु डॉ. आनंद शर्मा को धन्यवाद देना चाहता हूं जिनका आशीर्वाद मुझ पर सदा बना रहा है।
इसी प्रकार की टू सक्सेस के एचएल यादव के उदारवादी प्रेरनात्मक गुणों ने मेरे अंतरमन को इतना प्रभावित किया कि मैं इन्हें शब्दों में बयां नहीं सकता। उनकी विशेषज्ञता की ज्योति सदा मेरे हृदय को प्रज्वलित करती रहेगी। मेरी सफलता में छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान के ज्ञाता ऋषि वर्मा के योगदान सराहनीय एवं अविस्मरणीय हैं। बहुविध व्यक्ति गुणों के धनी ऋषि वर्मा की टू सक्सेस की सफलता एवं गरिमा को बनाए रखेंगे। वे सदेव मेरे हृदय में प्रेरणाश्रोत के रूप में प्रवाहित होते रहेंगे।
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