रायपुर। भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए तमाम छोटे-बड़े आंदोलन किए गए। अंग्रेजी सत्ता को भारत की जमीन से उखाड़ फेंकने के लिए गांधी जी के नेतृत्व में जो अंतिम लड़ाई लड़ी गई थी उसे ‘अगस्त क्रांति’ के नाम से जाना गया है। इस लड़ाई में गांधी जी ने ‘करो या मरो’ का नारा देकर अंग्रेजों को देश से भगाने के लिए पूरे भारत के युवाओं का आह्वान किया था। यही वजह है कि इसे ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ या क्विट इंडिया मूवमेंट भी कहते हैं। इस आंदोलन की शुरुआत 9 अगस्त 1942 को हुई थी, इसलिए इसे अगस्त क्रांति भी कहते हैं। ठीक इसी तर्ज पर अनियमित महासंघ के पंजीकृत संगठन और उनके सदस्य अपने अपने कार्यालय में काली पट्टी बांध कर मौन रहकर कार्य करना चालू कर दिया है और अपने कार्यालय प्रमुख को 14 अगस्त को मुख्यमंत्री के नाम 5 सूत्रीय मांगों का संघीय ज्ञापन सौपेंगे। प्रदेश अध्यक्ष रवि गढ़पाले एवं प्रदेश संयोजक अनिल देवांगन ने बताया है कि, छत्तीसगढ़िया अनियमित कर्मचारी छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद से ही ठगा जाता रहा है, पिछले डेढ़ दशक से अनियमित कर्मियों ने नियमितीकरण अथवा विभिन्न मांगों को लेकर पूर्व वर्ती सरकार एवं विपक्ष के राजनीतिक दलों से उनके मामले का निराकरण करने का अनुनय निवेदन किया गया। पुर्वर्ती सरकार एवं विपक्षी दलों ने सिवाय आश्वासन के अनियमित कर्मचारियों को कुछ नही दिया। वर्तमान में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की छत्तीसगढ़िया सरकार ने तो जनघोषणा पत्र में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण किये का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। बावजूद इसके लगभग 3 साल सरकार के बने होगये, वादा अनुसार 10 दिनों में प्रावधान बना कर नियमितीकरण की घोषणा करने से बचती दिखाई दे रही है सरकार। प्रदेश कार्य समिति के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व संयोजक गोपाल प्रसाद साहू तथा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश गजेंद्र ने संयुक्त बयान में बताया कि, सरकार ने नियमितीकरण हेतु प्रशासकीय समिति वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव की अध्यक्षता में गठन तो कर दिया, परन्तु कोई समय सीमा तय नही किया गया। जिसके कारण वह समिति सही गति से कार्य नही कर पा रही है। नियमितीकरण की आस लगाए अनियमित कर्मचारी अब बिफरने लगे है और उनके मन मे सरकार के प्रति नकारात्मक विचार आने लगे है। महासंघ लगातार मुख्यमंत्री से मिलकर टेबल टॉक करते हुए नियमितीकरण के विषय मे चर्चा किये जाने हेतु दर्जनो बार प्रयास किया गया है, परन्तु संबंधित पक्ष से अभी तक समय प्रदाय नही किया जा रहा है। महासंघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सूरज सिंह ठाकुर ने बताया कि, सरकार की जन घोषणा पत्र क्रियान्वयन समिति द्वारा भी अनियमित कर्मियों के नियमितीकरण बावत कोई जवाबदारी नही ली जा रही है, इसलिये महासंघ के सदस्यों की मांग पर अनियमित कर्मचारी महासंघ 7 चरणों के आंदोलन को चालू कर दिया है। जिसके तहत 11 जुलाई को सभी 28 जिले में मशाल रैली निकाल कर सरकार को जगाने का प्रयास किया गया है। तदोपरांत कोई ठोस पहल नही होते देख अगस्त क्रांति सप्ताह 8 अगस्त से 14 अगस्त तक आयोजन किया जा रहा है। जिसके पहले दिन 28 जिले के हज़ारो कर्मियों ने अपने अपने जिले में जल समाधि लेकर सरकार को सद्बुद्धि प्राप्ति की कामना किया। प्रदेश सचिव श्रीकांत लास्कर ने वक्तव्य दिया कि, प्रदेश के सभी जिला/ब्लॉक के अनियमित कर्मी, अपने कार्यालय में सूचना देते हुए काली पट्टी लगाकर मौन रहकर कार्य करना चालू कर दिया है, तथा 14 अगस्त को शाम को अपने अपने संस्था प्रमुखों को मुख्यमंत्री के नाम, विभाग प्रमुखों के माध्यम से 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौपेंगे। अभिषेक ठाकुर मीडिया प्रभारी ने बताया कि, सभी संवर्ग के हज़ारो अनियमित कर्मचारी लगातार सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म में सक्रियता बनाये हुए है, और आम जनता के बीच अपने साथ हो रहे शोषण की बातों को साझा कर रहे है।
अगस्त क्रांति सप्ताह का आगाज, कार्यालयों में काली पट्टी बांध कर मौन रहकर कार्य कर रहे अनियमित कर्मी
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