बेमेतरा। बारिश के मौसम में जलजनित बिमारियों के साथ ही मच्छरों के प्रकोप बढ़ने से मलेरिया, डेंगु होने के भी संभावना बनी रहती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्षा ऋतु में होने वाले संक्रामक बीमारियों में उल्टी दस्त, बुखार, पीलिया, मलेरिया, आंत्रशोध आदि के फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है, जिससे यह बीमारी महामारी का रूप धारण करने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है। संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए सड़ी गली सब्जी, फल, आदि का सेवन न किया जाए। दस्त रोग के समुचित प्रबंधन हेतु ‘‘लो ऑस्मोलर ओ.आर.एस. घोल लेना सुनिश्चित किया जाए। मलेरिया बीमारी में हाथ-पैर में दर्द, सिर दर्द, ठंड के साथ बुखार आता है। यह मादा एनाफिलीज संक्रमित मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया से बचने के लिए घर के आसपास पानी जमा होने ना दें, रूके हुए पानी में मिट्टी का तेल, जला हुआ मोबिल ऑयल डालें। शाम के समय नीम की पत्ती का धुंआ करें। सोते समय दवा लेपित मच्छरदानी का प्रयोग करें। डेंगू एक वायरस से होने वाली बीमारी का नाम है, जो एडीज नामक मच्छर की प्रजाति के काटने से होता है। इस मच्छर के काटने पर विषाणु तेजी से मरीज के शरीर में अपना असर दिखाने लगता है। जिसके कारण तेज बुखार और सर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते है। इसे हड्डी तोड़ “बुखार” या ब्रेक बोन बुखार भी कहा जाता है। डेंगू का उपचार संभव है। डेंगू से बचने के लिए स्वयं को मच्छरों से बचाना बहुत जरूरी है। डेंगू जांच की सुविधा सभी शासकीय अस्पतालों एवं निजी अस्पतालों में उपलब्ध है। डॉक्टरों ने डेंगू के प्रारंभिक लक्षण के बारे में बताया कि तेज ठंड के साथ बुखार आना, कमर, मांसपेशियों, जोड़ों और सिर में तेज दर्द होना, हल्की खाँसी, गले में दर्द और खराश का होना, शरीर पर लाल-लाल दाने(रैश) दिखाई देता है, थकावट, भूख न लगना और कमजोरी होना, उलटी और दर्द होना डेंगू के लक्षण हैं। प्रारंभिक लक्षण होने पर डेंगू का तत्काल जांच करवाएं। सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है।
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