रायपुर/रायगढ़। कैश वाहन को देखकर उसे लूटकर एक करोड़ रुपया कमाने का लालच मन में बना लिया था। अपने इसी लालच को अंजाम देने के लिए अपने साथी को अपने साथ मिला लिया और वारदात को अंजाम भी दे दिया। लेकिन वारदात के 10 घंटों के भीतर साथियों समेत पकड़ा गया। जी हां… आपने यह पढ़कर समझ ही गये होंगे कि हम कल रायगढ़ में हुए लूटकांड के बारे में बात कर रहे हैं। आपकों बता दें कि शुक्रवार दोपहर को को कोतरारोड क्षेत्र अंतर्गत एटीएम में पैसा डालने आए कैश वैन को टारगेट कर ड्राइवर की हत्या कर 1450000 लाख लूट कर फरार हुए दोनों आरोपियों को 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद धर दबोचा गया। जिला पुलिस की सघन नाकेबंदी, डोर-टू-डोर पतासाजी के कारण आरोपीगण जिले से भाग नहीं पाए और दोनों को लूट की रकम व हथियारों समेत गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली है। इस चुनौती भरे मिशन अंजाम देने में करीब 50 हथियारबंद जवान एवं अधिकारीगण शामिल थे। शुक्रवार सुबह करीब 11.30 बजे केवडाबाडी स्टेट बैंक के मुख्य शाखा से तीन करोड़ चौदह लाख रूपये पेटी में भरकर कर्मचारी नवरतन रात्रे गनमैन विनोद पटेल, चालक अरविन्द पटेल एवं भीषण कुमार रात्रे के साथ कैश वाहन में भरकर एटीएम में रकम डालते हुए किरोड़ीमल एसबीआई एटीएम 1.45 बजे पहुंचे। नवरत्न रात्रे पेटी से 13,00,000/- रू. निकालकर बैग में रखकर एटीएम में डालने भीषण के साथ एटीएम अन्दर गया था एटीएम के हुड को खोल रहा था उसी समय बाहर गोली चलने की आवाज आई। तभी दो नकाबपोश शटर को उठाकर गोली चलाकर बैग में भरा 13,00,000/- रू. एवं अन्य एसबीआई एटीएम से बचा एक्सेस रकम 1,50,000 रूपये लगभग जुमला 14,50,000 रूपये को लूटकर वैन के चालक अरविन्द पटेल की हत्या कर एवं गनमैन विनोद पटेल पर गोली मारकर मोटर सायकल से भाग गये। घटना के संबंध में थाना कोतरारोड़ में अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर जिले के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं शहर के सथी थाना/चौकी प्रभारी, सायबर टीम पहुंची। सूचना पर बिलासपुर रेंज आईजी दिपांशु काबरा एवं एसपी रायगढ़ संतोष कुमार सिंह द्वारा पूरे जिले को सील कराकर जिले के अंदर 50 नाकेबंदी पाइंट बनाकर रातभर वाहनों एवं आने-जाने वालों की सघन तलाशी अभियान चलाया गया। सभी 8 टीमों को अलग-अलग कामों में लगाया गया। पुलिस कन्ट्रोल रूम, जिंदल कम्पनी द्वारा लगाये गये सीसीटीवी कैमरों सहित शहर की सैकड़ो सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किया गया। आरोपियों के शहर से बाहर नहीं निकलने की जानकारी पुख्ता होने तथा केराझर गांव के पास आरोपियों का लास्ट लोकेशन देखा गया था। इसी बीच डीएसबी शाखा में पदस्थ एक आरक्षक के मुखबिर द्वारा सूचना दी कि दो संदिग्ध केराझर में देखे गए हैं। तब केराझर एवं पास के दो गांवों को पुलिस की टीमें टारगेट कर आर्म्स लिये हुये 50 जवान की टीम गांव को कार्डन किये, कुछ जवान सीएसपी अविनाश सिंह ठाकुर के साथ बीपी जैकेट हथियार लैस होकर एक-एक कर घरों की तलाशी ले रहे थे। गांववालों द्वारा पुलिस पार्टी के भरपूर सहयोग किया जा रहा था। तभी पुलिस पार्टी को एक कमरे अंदर दो संदिग्ध मिले, जिसमें एक युवक ने पुलिस पार्टी पर पिस्टल तान दिया, जान जोखिम में डाल पुलिसवालों ने झूमाझटकी कर हथियार पकड़े युवक को पटक कर उससे हथियार छीनकर दोनों को हिरासत में लिये। आरोपी सुधीर कुमार सिंह पिता झूलन राय उम्र 23 साल ग्राम खम्हौरी जिला सिवान बिहार, दूसरा आरोपी पिन्टू वर्मा उर्फ विराट सिंह उर्फ छोटू उम्र 18 साल निवासी बिगबाजार थाना रामगढ़ जिला कैमूर बिहार से पूछताछ करने पर सुधीर सिंह ने बताया कि उसके पिता एवं भाई रायगढ़ में ही रहते है। सुधीर जब भी रायगढ़ आता तो कैश वैन को देखकर उसे लूटकर 1 करोड़ रुपए कमाने का लालच मन में बना लिया और इस योजना को गांव जाकर अपने साथी पिन्टु वर्मा को बताया और लूट की प्लान के साथ 2 नग पिस्टल, 2 नग देसी कट्टा, 3 नग मैगजीन में 26 राउंड, 2 नग जिंदा कारतूस, 2 नग बटन चाकू के साथ प्री प्लानिंग कर कैश वैन को लूटने आए थे। पिछले 15 दिनों से पूरे जिले की रैकी किये, 4 दिनों से उक्त कैशवेन को रैकी कर रहे थे। आरोपीगण एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल का नंबर प्लेट निकालकर उसमें बिना नंबर लिखे नंबर प्लेट लगाए थे। दोनों को पुलिस ने बरामद किया है। घटना के समय आरोपियों द्वारा 06 राउंड चलाया गया था। रात्रि दोनों लूट की रकम 14,50,000 रूपये को आधा-आधा बांट लिए थे जिनके मेमोरेंडम पर लूट की रकम उनके हथियारों के साथ बरामद किया गया है। दोनों आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा जा रहा है। पलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, बिलासपुर द्वारा रायगढ़ एसपी एवं उनकी टीम को बधाई देते हुए पुरस्कृत कराना बताये हैं । टीम में एडिशनल एसपी, सीएसपी, डीएसपी ट्राफिक, नगर कोतवाल कोतरारोड़, कोतवाली, चक्रधरनगर, भूपदेवपुर, खरसिया, जुटमिल टीआई एवं उनके स्टाफ तथा सायबर टीम के सदस्य विशेष भूमिका में थे।
