गूगल मैप ने तस्करों को जेल की सैर करा दी। दरअसल ओडिशा से गांजा तस्कर जबलपुर के लिए रवाना हुए। पुलिस से बचने वे महासमुंद की और से घुस तो गए, लेकिन रास्ता भटक गए। रास्ता खोजने गूगल मैप की सहायता ली, लेकिन उसने भी धोखा दे दिया, और सीधे उन्हें जेल की सैर करा दी।जानकारी के अनुसार कवर्धा के चिल्फी अंतरराज्यीय सीमा पर पुलिस ने तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लगभग सवा क्विंटल गांजा जप्त किया गया। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि वे ओडिशा से पिकअप में एक क्विंटल से ज्यादा गांजा लेकर निकले और किसी तरह महासमुंद की ओर से घुस तो गए लेेकिन निकल नहीं पाए। वे गूगल मैप की मदद से जंगल के रास्ते मध्यप्रदेश जाना चाहते थे। लेकिन कवर्धा में इंटरनेट बंद होने के वजह से वे रास्ता भटक गए और सीधे चिल्फी चेकपोस्ट पहुंच गए।
जप्त गांजे की कीमत 25 लाख से ज्यादा है। ओडिशा के कंधमाल जिले के अश्वनी कुमार और जतन को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने बताया कि वे जबलपुर लेकर जा रहे थे। वहां से अलग-अलग एरिया के लिए गांजा डिस्ट्रीब्यूट हो जाता।
ऐसे हुआ पुलिस को शक…
गांजा तस्कर जब रास्ता भटककर चिल्फी अंतरराज्यीय बॉर्डर पर पहुंचे तब वहां पुलिस गाड़ियों की जांच में लगी थी। बॉर्डर से हर दिन बड़ी संख्या में एमपी-सीजी और देश के अलग-अलग हिस्सों की गाड़ियां गुजरती हैं। हालांकि छोटी मालवाहक गाड़ियां ज्यादातर एमपी-सीजी पासिंग होती हैं। ओडिशा का नंबर देखकर पुलिस ने रोका। पिकअप में कोई सामान भी लोड नहीं था, लेकिन जांच के दौरान पश्चिम बंगाल पासिंग का एक और नंबर प्लेट मिला। इससे पुलिस का माथा ठनका, क्योंकि कवर्धा में विवाद के बाद पहले ही पुलिस अलर्ट है। जांच की गई तो डाला में वेल्डिंग कर कोई शीट जोड़ने का शक हुआ। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद इसे हटाया गया, तब जाकर अलग-अलग पैकेट में रखा गांजा बरामद हुआ।

