●आदेश न कर पाने का कारण सार्वजनिक करे शासन
◆पेंशनरों को जुलाई 19 से लंबित 5% प्रतिशत महँगाई राहत देने की मुख्यमंत्री की घोषणा पर आदेश जारी करे राज्य सरकार-वीरेन्द्र नामदेव

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री तथा छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने राज्य के ब्यूरोक्रेट्स पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उनसे 3 सितम्बर 21 को राज्य के पेंशनरों को जुलाई 19 से लम्बित 5%प्रतिशत महंगाई राहत देने की घोषणा करा कर उन्हें झूठा साबित करने का काम किया है, क्योकि 1माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आज तक आदेश जारी नही हो सका है। राज्य सरकार से तुरन्त आदेश प्रसारित करने की मांग की है।
उन्होंने आगे बताया है कि मुख्यमंत्री के 3 सितम्बर की घोषणा से पेंशनरो को बहुत खुशी हुई थी कि इस भीषण महंगाई के दौर में राज्य के पेंशनरों को केन्द्र के समान 16% महंगाई राहत से लंबे समय तक वंचित रखने के बाद उनमें से केवल 5% देने की उनकी घोषणा के बाद शीघ्र आदेश जारी हो जायेगा परन्तु एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मुख्यमंत्री के घोषणा पर शासन से आदेश जारी नहीं होने से राज्य के पेंशनरों में घोर निराशा है,जबकि राज्य के कर्मचारियों के लिये उसी के साथ उसी दिन किये गये घोषणा के अमल में शासन से 5% महंगाई भत्ता देने के आदेश 17 सितम्बर 21 को जारी हो चुके है और उन्हें भुगतान हो गया है।
जारी विज्ञप्ति में नामदेव ने आगे बताया है कि प्रशासन का कहना है,कि पेंशनरों को महंगाई राहत देने के आदेश जारी करने करने में मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 रोड़ा बना हुआ है, जिनके प्रावधानों में महंगाई राहत देने के लिये मध्यप्रदेश शासन की सहमति की अनिवार्यता है। इसी तकनीकी समस्या के कारण आदेश रुकी हुई है।मगर राज्य शासन इसे उजाकर न कर सार्वजनिक तौर पर चुप्पी साधे हुए है जिसके कारण राज्य के मुखिया झूठा साबित हो रहे हैं।इस मामले की वास्तविकता से शासन को प्रमुख समाचार पत्रों के माध्यम से सबको अवगत कराना चाहिये।
उन्होंने आगे बताया है कि यह विचित्र विडम्बना है कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ शासन के कोष से भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों आईएएस, आईपीएस, आईएफएस आदि को 28% महंगाई भत्ते की राशि का भुगतान कर रही है परंतु राज्य सेवा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों और पेंशनरों को इस लाभ से जानबूझकर इन्ही ब्युरोक्रेट के द्वारा भारी वित्तीय संकट होने की भय बताने के कारण वंचित रखा गया है।यह आश्चर्य जनक सत्य है भारी भरकम लाखों में वेतन पाने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के राज्य में पदस्थ अधिकारी खुद 28%प्रतिशत महंगाई भत्ता राज्य के कोष से ले रहे हैं परन्तु के हजारों में वेतन पाने वाले कर्मचारियों को 11%प्रतिशत कम केवल 17%प्रतिशत महंगाई भत्ता का भत्ता का भुगतान के आदेश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव और फेडरेशन से जुड़े संगठन क्रमशः भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा, पेंशनर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष यसवंत देवान, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर्स कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा, तथा ,गंगाप्रसाद साहू , सी एस पांडेय,डॉ पी आर धृतलहरे, आर सी पटेरिया, व्ही टी कराडे,लोचन पांडेय, डॉ वाई सी शर्मा,विद्या देवी साहू , यू के चौरसिया,डी के त्रिपाठी, सी एल दुबे,शरद अग्रवाल,गायत्री गोस्वामी, जे पी धुरन्धर, डॉ एस पी वैश्य, उर्मिला शुक्ला, ज्ञानचंद पारपियानी,बी डी उपाध्याय, राकेश श्री वास्तव, एन एच खान,द्रोपदी यादव,डॉ एस पी वैश्य,आर के नारद,पी एल सिंह,एम एन पाठक,डॉ ज्ञानेश चौबे, एस पी एस श्रीवास्तव, विष्णु तिवारी,शांति किशोर माझी ,कलावती पाण्डे,सी एल चन्द्रवंशी, इंदु तिवारी,तीरथ यादव,रमेश नन्दे, प्रदीप सोनी,,असीमा कुंडू , आशा वैष्णव,पी एल टण्डन,रोजलिया लकड़ा,एल एन साहू,अशोक जैन,राजेश्वर राव भोसले,वन्दना दत्ता,अनुप योगी,गिरीश उपाध्याय,अनिल दुबे,आलोक पांडेय,व्ही एस जादौन,बी एल पटले,,बी डी यादव,वीरेन्द्र थवानी, डी के पाण्डे,आनन्द भदौरिया,बी के सिन्हा, एस डी बंजारे,गुलाब राव पवार,भूषण लाल देवांगन, खेमिचन्द मिश्रा,एस के चिलमवार,बिक्रम लाल साहू, एस डी वैष्णव,हीरालाल नामदेव,अजीत गुप्ता,द्वारका सिन्हा,ओ पी भट्ट,रामकुमार थवाईत,रमेश कुमार शर्मा, डी आर लांझेकर,के एन कश्यप आदि ने भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा किये गये घोषणा के अनुरूप महंगाई राहत एरियर सहित देने का आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की है।