करवा चौथ का व्रत पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं द्वारा रखा जाता है. इस दिन महिलाएं निर्जल व्रत रखती हैं. लेकिन बदलते समय के साथ अब सिर्फ महिलाएं ही नहीं पुरुष भी अपनी पत्नियों के लिए करवा चौथ का व्रत रखने लगे हैं. ऐसे में पति दो स्थितियों में पत्नी के लिए व्रत रखता है. एक जब पत्नी की तबियत खराब होने अथवा प्रेग्नेंट होने पर पति उनकी जगह पर इस व्रत का पालन करते हैं. माना जाता है कि इससे व्रत की परंपरा बरकरार रहती है. वहीं, एक और स्थिति में पति-पत्नी दोनों ही एक दूसरे के लिए व्रत रखते हैं. ऐसा करना काफी शुभ माना जाता है. इससे दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ता है और वैवाहिक जीवन खुशहाल होता है. ऐसे में अगर आप भी इस बार अपनी पत्नी के लिए व्रत रखने की सोच रहे हैं तो आपको करवा चौथ के कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है-
0 आप या तो पत्नी के लिए निर्जल व्रत रख सकते हैं या अगर आपको प्यास बर्दाशत नहीं होती है तो आप सजल व्रत भी रख सकते हैं.
0 इस व्रत के लिए आपको अपनी पत्नी की तरह सुबह सूर्योदय पर ही जागना चाहिए. फिर स्नान करके शिव जी के पूरे परिवार की पूजा करके व्रत का संकल्प करना चाहिए.
0 व्रत के दिन सफेद और काले रंग के कपड़े पहनने से बचें. इन रंगों को व्रत, त्योहार व किसी शुभ अवसर पर पहनना शुभ नहीं माना जाता है.
0 अगर आप अपनी पत्नी के लिए व्रत रख रहे हैं तो मेहंदी से उनका नाम लिखवा सकते हैं. इससे आपके रिश्ते में और भी मिठास आएगी.
0 आप पत्नी के साथ पूजा में बैठकर व्रत कथा सुने और करवाचौथ की सभी रस्म अदा करें.
0 रात को चंद्रमा आने पर जिस तरह आपकी पत्नी चांद देखकर आपको छलनी से देखें. ठीक उसी तरह आप भी छलनी से चांद को देखकर अपनी पत्नी को देखें.

