अमलेशवर। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण छत्तीसगढ़ के तत्वाधान में राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद रायपुर के सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 निर्देश के परिपालन में छत्तीसगढ़ राज्य में साक्षरता कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तरीय करिकुलम निर्माण कार्यशाला का आयोजन राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रायपुर के संचालक राजेश सिंह राणा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सहायक संचालक एवम पढऩा लिखना अभियान के नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य से साक्षरता के क्षेत्र में फील्ड स्तर पर कार्य करने वाले अनुभवी अधिकारियों व श्रोत सदस्य को शामिल किया गया है। कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों के द्वारा 06 समूह में विभक्त होकर दो दिनों तक मंथन कर समूह के सदस्यों ने अपनी_ अपनी प्रस्तुति दी गई। जिसमे छ्ठवे समूह से दुर्ग जिले से श्रीमती किरण चंद्राकर व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अम्लेश्वर बेमेतरा से विकेश यादव, सूरजपुर से सीमांचल ने कौशल विकास पर अपने अपने विचार व्यक्त करते हुये, एससीएफ बनाये गये। प्रथम समूह में सरगुजा, रायपुर एवम महासमुंद के जिला परियोजना अधिकारी ने शिक्षाविदों, स्वयं सेवकों, नवसाक्षरों के साथ साथ जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए एससीएफ आधारित प्रश्नावली तैयार कर प्रस्तुत किया। इसी कड़ी में राजनांदगांव के डी पी ओ के साथ उनके समूह ने सतत शिक्षा पर प्रस्तुतिकरण दिया। एससीएफ कार्यशाला में साक्षरता का इतिहास, दंतेवाड़ा की टीम द्वारा, एडल्ट एजुकेशन की आवश्यकता और महत्व ए पी ओ रायपुर की टीम द्वारा साथ ही बुनियादी साक्षरता एवं बुनियादी शिक्षा, कौशल विकास सूरजपुर टीम के द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यशाला में एससीईआरटी के शिक्षाविद सहित राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सहायक संचालक श्री दिनेश कुमार टांक,नेहा शुक्ला, निधि अग्रवाल, कृष्णा, कविता ,महेश वर्मा ,दीप ,विकास भदौरिया, आदि का सक्रिय सहयोग रहा। उल्लेखनीय है की द्वितीय दिवस में राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद से डॉक्टर एम सुदीश, श्री सुनील मिश्रा, श्री दीपांकर भौमिक, डी सी एल प्रभारी श्रीमती प्रीति सिंह, द्वारा भी प्रशिक्षार्थियों को संबोधित कर स्टेट करिकुलम फ्रेमवर्क की गुणवत्ता हेतु आवश्यक समझाइश दी गई।

